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पीएनबी ने पेश किया पीएनबी जीएसटी सहाय एप, एमएसएमई को जीएसटी इन्वायस का प्रयोग कर डिजिटली मिलेगा त्वरित ऋण

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देहरादून पंजाब नैशनल बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र में देश के अग्रणी बैंक, ने पीएनबी जीएसटी सहाय एप की शुरुआत की है जो कि जीएसटी सहाय योजना पर आधारित एक मोबाइल एप्लीकेशन है। यह एक एंड टू एंड डिजिटल उत्पाद है जिसके तहत जीएसटी इन्वायसों पर ऋण लिया जा सकता है। इस एकीकरण के साथ पीएनबी जीएसटी इन्वायसों का प्रयोग करते हुए एमएसएमई को बाधारहित ऋण का प्रवाह प्रदान करने वाला पहला सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बन गया है। यह पहल एमएसएमई क्षेत्र को और देश में डिजिटल क्रेडिट पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को आगे ले जाने की बैंक की रणनीति के क्रम में है।

पीएनबी जीएसटी सहाय की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि पूरी ऋण प्रक्रिया डिजिटल है। यह ऋण प्राप्तकर्त्ता व ऋण देने वाले के बीच किसी तरह के मानवीय हस्तक्षेप को दूर रखता है और पूरी प्रक्रिया को कम लागत वाला, त्वरित व सहज बनाता है। इस सेवा के माध्यम से ऋण लेने वाले के बैंक खाते में ऋण की रकम सीधे जमा हो जाती है।

पीएनबी जीएसटी सहाय एप की शुरुआत के मौके पर बोलते हुए श्री अतुल कुमार गोयल, एमडी एवं सीईओ, पीएनबी ने कहा, “फिनटेक क्षेत्र में विकास हमारे बैंकिंग करने के तरीके को बदल रही है। उभरते हुए डिजिटल समाधानों के माध्यम से ग्राहकों को नई तरह की क्रेडिट सुविधाएं दी जा रही हैं। तकनीकी की मदद से असेसमेंट के कई मुद्दे, मार्केट रिपोर्ट और मूल्यांकन संबंधी दिक्कतों का हल कुछ ही क्लिक्स में हो जाता है। पीएनबी नवीनतम प्रोद्योगिकी पर काम करते हुए अपनी क्रेडिट यात्रा को अधिकतम संभव सीमा तक डिजिटल बना रहा है। हमारा बैंक शीर्ष उद्यमियों को सेवाएं देने के साथ ही जनता की सेवा और गैर कारपोरेट/कृषि व गैर-कृषि सूक्ष्म/लघु उद्यमियों को छोटे ऋण उलपब्ध कराने में अग्रणी रहा है। मुझे विश्वास है कि पीएनबी जीएसटी सहाय एप बैंक व आवेदक/ऋण प्राप्तकर्त्ता के बीच दूरी कम करते हुए सेतु का काम करेगा। यह बाधारहित तरीके से हमारी अर्थव्यवस्था के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को सर्वोत्तम क्रेडिट समाधान उपलब्ध कराते हुए एकीकृत करने में प्रेरित करेगा।”

सभी जीएसटी पंजीकृत एमएसएमई व्यावसायिक प्रतिष्ठान (प्रोपराइटरशिप), जिनका खाता पीएनबी में है, वे पीएनबी जीएसटी सहाय सेवा के पात्र हैं। क्रेडिट लिमिट प्रति इन्वायस 10000 रुपये से शुरु होकर 2 लाख रुपये तक है, जबकि प्रति ऋण प्राप्तकर्त्ता 10 लाख रुपये की उपरी सीमा रखी गई है। समय पूर्व भुगतान का विकल्प इस प्रक्रिया को सरल बनाती है।

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