Prabhat Chingari
Uncategorized

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने कर्नाटक राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए केपीसीएल और केआरईडीएल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने कर्नाटक राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए केपीसीएल और केआरईडीएल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

ऋषिकेश- आर.के. विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के दूरदर्शी मार्गदर्शन के तहत , टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा कर्नाटक राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए 09 नवंबर 2023 को बैंगलोर में केपीसीएल (कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और केआरईडीएल (कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इन सहयोगात्मक प्रयासों में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं का विकास शामिल है, जिसमें भूमि पर मांउट करके स्थापित की जाने वाली, फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं और पंप स्टोरेज परियोजनाओं सहित हाइब्रिड परियोजनाएं शामिल हैं जिनकी संचयी क्षमता लगभग 3270 मेगावाट हैं।

श्री के.जे. जॉर्ज, माननीय ऊर्जा मंत्री, कर्नाटक सरकार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति के साथ समारोह की शोभा बढ़ाई। श्री आर.के.विश्नोई, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने कहा कि यह रणनीतिक गठबंधन न केवल स्वच्छ ऊर्जा के प्रति टीएचडीसीआईएल की प्रतिबद्धता दर्शाता है, बल्कि कर्नाटक की अग्रणी विद्युत संस्थाओं के सहयोग से इस क्षेत्र के विद्युत परिदृश्य के लिए एक आशाजनक प्रगतिगामी मार्ग भी प्रशस्त करता है।

केपीसीएल का प्रतिनिधित्व करते हुए, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं केपीसीएल के प्रबंध निदेशक, श्री गौरव गुप्ता एवं और केआरईडीएल की ओर से श्री के.पी. रुद्रप्पैया, प्रबंध निदेशक, केआरईडीएल द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। । टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की ओर से श्री भूपेन्द्र गुप्ता, निदेशक (तकनीकी) द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर श्री विजय कुमार, विशेष अधिकारी समन्वय, श्री संदीप सिंघल, सीजीएम (एनसीआर) और श्री मल्लिकार्जुन, डीजीएम भी उपस्थित थे।

टीएचडीसीआईएल 1587 मेगावाट की संस्थापित क्षमता के साथ देश के प्रमुख बिजली उत्पादकों में से एक है, जिसका श्रेय इसकी प्रचालनाधीन परियोजनाओं को जाता है जिनमें उत्तराखंड में टिहरी बांध और एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट), गुजरात के पाटन और द्वारका में क्रमश: 50 मेगावाट और 63 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं और उत्तर प्रदेश के झाँसी में 24 मेगावाट की ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना तथा केरल के कासरगोड में 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना शामिल हैं।

Related posts

मॉल ऑफ देहरादून में पर्वत पर्व की रही धूम

prabhatchingari

जी.आर.डी. के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने किया नॉएडा एवं हिमाँचल में शैक्षणिक भर्मण

prabhatchingari

खाई में गिरा ट्रक , SDRF ने चालक को किया सकुशल रेस्क्यू

prabhatchingari

भूस्खलन की रोकथाम को जिओटेक्निकल, जियोफिजिकल, टोपोग्राफिकल जांच कराई जायेगी: महाराज*

prabhatchingari

कृषक महोत्सव रबी के शुभारंभ अवसर पर रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते कृषि मंत्री गणेश जोशी।*

prabhatchingari

13 पेटी अवैध देशी शराब के साथ 03 अभियुक्त गिरफ़्तार*

prabhatchingari

Leave a Comment