**सड़क सुधारीकरण की मांग को लेकर खैनुरी गांव के ग्रामवासी पिछले 13 दिनों से कर्मिक अनशन पर बैठे, दी चुनाव बहिष्कार की चैतावनी*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
सड़क सुधारीकरण की मांग को लेकर खैनुरी गांव के ग्रामवासी पिछले 13 दिनों से कर्मिक अनशन पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि चमोली से खैनुरी गांव को जोड़ने वाले सड़क मार्ग की स्थिति लंबे समय से बदहाल बनी हुई है। शासन और प्रशासन के सामने बार-बार सड़क की स्थिति को लेकर पत्राचार किया गया है। लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से सड़क के सुधारीकरण को लेकर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बदहाल सड़क मार्ग के कारण ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की स्थिति इतनी खतरनाक बनी हुई है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए आज उन्हें इस तरह से आंदोलन करने को मजबूत होना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान रेखा बिष्ट का कहना है कि सड़क मार्ग से दर्जनों गांव के करीब 1 हजार से अधिक आबादी जुड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम चला रही है। लेकिन जिस तरह की समस्याएं खैनुरी गांव के लोगों को झेलनी पड़ रही है। उनके समाधान के लिए पिछले 13 दिनों से अनशनकारियों की सुध लेने कोई नहीं पहुंचा है। प्रशासन की अनदेखी से साबित होता है कि सरकार विकास के खोखले दावे कर रही है।
वहीं, आंदोलन में कई ग्रामीण मौजूद होकर आंदोलन को अपना समर्थन लगातार दे रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आमरण अनशन, चक्का जाम के साथ उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं, लोकसभा चुनाव का भी बहिष्कार किया जाएगा।*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
सड़क सुधारीकरण की मांग को लेकर खैनुरी गांव के ग्रामवासी पिछले 13 दिनों से कर्मिक अनशन पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि चमोली से खैनुरी गांव को जोड़ने वाले सड़क मार्ग की स्थिति लंबे समय से बदहाल बनी हुई है। शासन और प्रशासन के सामने बार-बार सड़क की स्थिति को लेकर पत्राचार किया गया है। लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से सड़क के सुधारीकरण को लेकर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बदहाल सड़क मार्ग के कारण ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की स्थिति इतनी खतरनाक बनी हुई है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए आज उन्हें इस तरह से आंदोलन करने को मजबूत होना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान रेखा बिष्ट का कहना है कि सड़क मार्ग से दर्जनों गांव के करीब 1 हजार से अधिक आबादी जुड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम चला रही है। लेकिन जिस तरह की समस्याएं खैनुरी गांव के लोगों को झेलनी पड़ रही है। उनके समाधान के लिए पिछले 13 दिनों से अनशनकारियों की सुध लेने कोई नहीं पहुंचा है। प्रशासन की अनदेखी से साबित होता है कि सरकार विकास के खोखले दावे कर रही है।
वहीं, आंदोलन में कई ग्रामीण मौजूद होकर आंदोलन को अपना समर्थन लगातार दे रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आमरण अनशन, चक्का जाम के साथ उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं, लोकसभा चुनाव का भी बहिष्कार किया जाएगा।
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