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ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ऐतिहासिक तीर्थ यात्रा हेतु चमोली पधार रहे हैं ,जनपद के विभिन्न तीर्थों में जायेंगे

By: prabhatchingari

On: Friday, June 14, 2024 6:51 PM

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*ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ऐतिहासिक तीर्थ यात्रा हेतु चमोली पधार रहे हैं ,जनपद के विभिन्न तीर्थों में जायेंगे*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
‘चमोली मंगलम्’ अद्भुत हिमालय की ऐतिहासिक तीर्थ दर्शन यात्रा के लिए ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज, उत्तराखण्ड के चमोली जिले में लगातार १८ दिन तक रहकर तीर्थों के दर्शन करेंगे। शंकराचार्य जी महाराज, 28 जून को श्री गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय रायकोली थराली पहुंचेंगे।
हिमालय वो स्थान हैं जहां देवता साक्षात दर्शन देकर भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। आदिगुरु शंकराचार्य जी महाराज द्वारा स्थापित उत्तराम्नाय ज्योतिर्मठ के आचार्य ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘१००८’ जी महाराज अपने आधिकारिक धार्मिक क्षेत्र उत्तरभारत के भ्रमण के अन्तर्गत उत्तराखण्ड भ्रमण के प्रथम चरण के लिए आ रहे हैं। 15 जून से 2 जुलाई तक उनकी ये यात्रा है । जिसके तहत चमोली जिले के लगभग सभी मन्दिरों में जाएंगे ।
चमोली मंगलम् के तहत पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज ऐसे स्थलों पर भी जाएंगे जहां ज्ञात इतिहास में पिछले दो शताब्दी से कोई शंकराचार्य कभी गए ही नहीं हैं जैसे नीती घाटी, मलारी, बैरासकुण्ड, अनुसूइया मन्दिर, अत्रि आश्रम, मां नंदा राज राजेश्वरी मंदिर कुरुड़, नारायण धाम मंदिर रायकोली थराली, नंदकेसरी एवं लाटू देवता मन्दिर वाण गांव आदि।
ये ऐसे भी मन्दिर हैं जहां पर स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहला अवसर होगा जब ज्योतिर्मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज इन मन्दिरों के दर्शन करेंगे ।
108 से अधिक मन्दिरों के दर्शन कर चमोली मंगलम् यात्रा करेंगे शंकराचार्य जी महाराज जी।
पूरे हिमालय में सर्वत्र देव विराजमान हैं। हर गांव, हर क्षेत्र , हर घाटी में कोई ना कोई प्रसिद्ध देव मन्दिर हैं। पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज की इच्छा है कि वे सभी मन्दिरों में दर्शन कर लोककल्याण की प्रार्थना करें साथ ही वहां निवास कर रहे आस्तिक भक्तजनों को शंकराचार्य जी महाराज के दर्शन और आशीर्वाद प्रसाद करने का मौका भी मिलेगा ।
गुरुकुल श्री बदरी नारायण संस्कृत विद्यालय रायकोली थराली के प्रबंधक नवीन जोशी एवं उत्तराखंड की प्रथम महिला कथावाचक राधिका जोशी जी केदारखण्डी ने बताया कि फ़रवरी 2024 में आपके द्वारा ब्रह्मचारी जी से आग्रह किया गया था कि पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज जी के चरण सनातन धर्म की ध्वजा पताका फहराने हेतु हमारे परगना बधाण पिंडर घाटी में भी पड़े। जिसे ब्रह्मचारी जी साकार करने जा रहे हैं। ज्योतिर्मठ के प्रभारी मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी जी अपने सात सदस्य दलों के साथ बीते 9 व 10 तारीख को पिंडर घाटी परगना बधाण के भ्रमण पर थे। जिसमें उन्होंने कुरुड़ से लेकर वाण गांव तक भ्रमण कर रात्रि विश्राम गुरुकुल श्री बदरी नारायण संस्कृत विद्यालय रायकोली थराली में किया। जिसमें उन्होने बताया कि शंकराचार्य जी महाराज के चमोली मंगलम् तीर्थ दर्शन यात्रा की पूरी तैयारी हो गई है ।

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