*मानवाधिकार आयोग ने 21 परिवादों की सुनवाई कर 2 का किया निस्तारण*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
मानवाधिकार आयोग की ओर जनपद चमोली के मुख्यालय गोपेश्वर में बुधवार को दो दिवसीय मानवाधिकार संरक्षण एवं सुशासन के संवेदनीकरण पर परिवादों की सुनवाई शुरु हो गई है। बुधवार को पहले दिन चमोली, पौड़ी और रुद्रप्रयाग के परिवादों की सुनवाई की गई। इस दौरान 2 परिवादों का पूर्ण निस्तारण किया गया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन किया गया।
चमोली जिला पंचायत सभागार में उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की ओर से आयोजित दो दिवसीय मानवाधिकार संरक्षण एंव सुशासन के संवेदीकरण और परिवादों की सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों को सुरक्षित करना आवश्यक है। समाज में सभी की जिम्मेदारी है कि किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों के हनन की जानकारी होने पर उसे उचित मंच पर रख निस्तारित किया जाए।
बुधवार को आयोजित सुनवाई के दौरान 21 परिवादों की सुनवाई करते हुए 2 परिवादों को निस्तारण किया गया। जबकि सुनवाई के दौरान 5 परिवाद पंजीकृत किए गए। गुरुवार को चमोली, पौड़ी और रुद्रप्रयाग जनपद के 36 परिवादों की सुनवाई की जाएगी। दूसरी ओर इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से गोष्ठी आयोजित कर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आश कार्यकर्तियों को कानूनी जानकारी दी गई।
इस मौके पर न्यायमूर्ति बीके बिष्ट, मानवाधिकार आयोग के सदस्य गिरधर सिंह धर्मसत्तू व राम सिंह मीणा, सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी, निबधक विधि बृजेंद्र मणि त्रिपाठी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पुनीत कुमार, अनु सेवक राजेंद्र सिंह झिंक्वांण, अपर जिलाधिकारी विवके प्रकाश, उपजिलाधिकारी चमोली राजकुमार पांडे, पुलिस उपधीक्षक प्रमोद शाह, जिला बार संघ अध्यक्ष भरत सिंह राणा, अधिवक्ता समीर बहुगुणा, रैजा चौधरी, ज्ञानेंद्र खंतवाल आदि मौजूद थे।
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