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गढ़वाली सिनेमा को राष्ट्रीय मंच मिलना चाहिए: निर्देशक कुनाल शमशेर मल्ला

देहरादून*: मंथन – इमर्जिंग उत्तराखंड 2025 कार्यक्रम के दौरान होटल हयात रीजेंसी, देहरादून में आयोजित ‘फिल्म इंडस्ट्री और अर्थव्यवस्था’ विषयक पैनल चर्चा में प्रख्यात फिल्म निर्माता कुनाल शमशेर मल्ला ने अपने विचारों से सबको प्रभावित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर फिल्म, कला और नीति निर्माण से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों ने उत्तराखंड को रचनात्मकता, विकास और उद्यमिता का केंद्र बनाने पर विचार-विमर्श किया।

फिल्म जगत के चर्चित नामों — मुकेश तिवारी, विपुल मेहता और आरुषि निशंक — के साथ मंच साझा करते हुए कुनाल मल्ला ने कंटेंट-केंद्रित सिनेमा की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा, “कहानी एक राजा की तरह होनी चाहिए।” उन्होंने मेनस्ट्रीम फिल्मों में गिरते कंटेंट स्तर को लेकर चिंता जताते हुए कहा, “आज जब फिल्म मार्केट में जाते हैं तो निर्माता और वितरक सबसे पहले पूछते हैं कि स्टार कौन है, न कि कहानी क्या है। फिल्म का बजट नहीं, उसकी आत्मा उसे महान बनाती है।”

गढ़वाली सिनेमा के प्रति अपने जुनून को साझा करते हुए कुनाल मल्ला ने कहा कि वे उस दिन की कल्पना करते हैं जब गढ़वाल की फिल्में भी तमिल, तेलुगु या मलयालम फिल्मों जैसी पहचान पाएंगी। उन्होंने कहा,
“हमें अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा — हमारे घरों, आस-पास के माहौल और आम लोगों से जुड़ी कहानियों को फिर से खोजना होगा। मैं उस दिन का सपना देखता हूं जब बॉलीवुड गढ़वाली फिल्मों से प्रेरित होगा, न कि गढ़वाली सिनेमा बॉलीवुड की।”

इस सत्र का संचालन अभिषेक मैंदोला ने किया, जिसमें फिल्म और मीडिया जगत से जुड़े कई दिग्गजों ने भाग लिया और उत्तराखंड में फिल्म नीति, प्रशिक्षण ढांचा और सिनेमा के आर्थिक प्रभाव जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

कुनाल शमशेर मल्ला देहरादून निवासी अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, शिक्षाविद और मार्शल आर्ट विशेषज्ञ हैं। वे ओलंपस हाई स्कूल के संस्थापक और उत्तराखंड स्टेट ऑडिट बोर्ड के सदस्य हैं। उन्होंने 40 वर्ष की उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा और से यस टू लव, माज़ी, दम लगाके हईशा जैसी फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा वे देव भूमि जैसी अंतरराष्ट्रीय फ़िल्मों का भी हिस्सा रहे हैं। अभिनय के साथ-साथ वे एक प्रशिक्षित गायक, ब्लैक बेल्ट मार्शल आर्टिस्ट और क्षेत्रीय सिनेमा एवं संस्कृति के सशक्त समर्थक भी हैं।

उनकी आने वाली फीचर फिल्म ‘5 सप्टेंबर’, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक 40 से अधिक पुरस्कार मिल चुके हैं, जल्द ही रिलीज़ होने वाली है। इस फिल्म में संजय मिश्रा, अतुल श्रीवास्तव, विक्टर बनर्जी, कविन दवे, सरिका सिंह दवे, किरण दुबे और मानिनी मिश्रा जैसे दमदार कलाकार नजर आएंगे।

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