देहरादून,
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने देहरादून के अधोईवाला क्षेत्र में 200 बीघा से अधिक वन भूमि पर अवैध कब्जे का बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग और राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत कर प्रदेश की कीमती वन भूमि को खुर्द-बुर्द कर रहे हैं।
सेमवाल ने उत्तराखंड प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अधोईवाला-लाडपुर क्षेत्र के खसरा नंबर 1075 की भूमि पर छोटे-छोटे प्लॉट काटकर बाहरी समुदायों को बसाया गया, जिससे क्षेत्र की जनसांख्यिकीय संरचना में बड़ा बदलाव आया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग ने अब तक न तो भूमि का सीमांकन कराया है, न ही मानचित्रों को अपडेट किया है, और न ही अपने उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया है।
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने नहीं देने की बात करते हैं, लेकिन उनके अधीनस्थ अधिकारी ही इस साजिश में शामिल हैं। ईष्टवाल ने कहा कि इस विषय में एसडीएम से लेकर डीएम तक को कई बार ज्ञापन दिया गया, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने मांग की कि जब तक यह आरक्षित वन भूमि राजस्व अभिलेखों में विधिवत दर्ज नहीं हो जाती, तब तक यहां रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज की कार्रवाई स्थगित रखी जाए। उन्होंने तत्कालीन सर्वेयर नरेंद्र सिंह नेगी, वन संरक्षक समेत अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की।
पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने चेतावनी दी कि अगर शासन-प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी सड़क से लेकर न्यायालय तक आंदोलन करेगी।
प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल, प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल, देहरादून जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह गुसाईं, महानगर अध्यक्ष नवीन पंत, वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ईष्टवाल और युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ललित श्रीवास्तव मौजूद रहे।





