सीबीआई जांच की मांग, वैरागी कैम्प की भूमि आवंटन प्रक्रिया रोकने की अपील
देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (अ.प्रा.) गुरमीत सिंह से राजभवन में मुलाकात कर मसूरी स्थित जार्ज एवरेस्ट की भूमि तथा हरिद्वार के वैरागी कैम्प की भूमि से जुड़े गंभीर अनियमितताओं पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की।
30 हजार करोड़ मूल्य की 172 एकड़ भूमि मात्र 1 करोड़ रुपये वार्षिक किराये पर आचार्य बालकृष्ण की कम्पनी को सौंपी गई।
टेंडर प्रक्रिया के अंतिम समय में नियम बदलकर कम्पनी को लाभ पहुँचाया गया।
स्थानीय निवासियों के 200 वर्ष पुराने रास्ते बंद कर दिए गए और पर्यटकों से मनमानी वसूली हो रही है।
बिना अनुमति हैलिकॉप्टर संचालन भी जारी है।
अब हरिद्वार स्थित वैरागी कैम्प की भूमि भी इसी कम्पनी को देने की तैयारी की जा रही है।
1. जार्ज एवरेस्ट की भूमि कम्पनी को देने का आदेश तत्काल निरस्त किया जाए।
2. मामले की सीबीआई जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए।
3. वैरागी कैम्प की टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने हालिया आपदा प्रबंधन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि—
बीते तीन दिनों से देहरादून समेत प्रभावित क्षेत्रों में न बिजली है, न पानी।
राहत व पुनर्वास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।
जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है लेकिन सरकार ने कोई तैयारी नहीं की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने किया। साथ ही उपाध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, महामंत्री गोदावरी थापली, पूर्व विधायक केदारनाथ मनोज रावत, पूर्व विधायक राजकुमार, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, महामंत्री महेंद्र नेगी एवं किसान कामगार अध्यक्ष सुशील राठी मौजूद रहे।
