देहरादून ,उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय पदों की लिखित प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्नपत्र आउट प्रकरण में पंजीकृत अभियोग की विवेचना कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार को टिहरी कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। यहां एसआईटी ने अभ्यर्थियों, छात्र-छात्राओं एवं अन्य लोगों से संवाद कर परीक्षा से जुड़ी जानकारियां एकत्र कीं।
जनसंवाद के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने अपनी शंकाएं व सुझाव एसआईटी के समक्ष रखे। कई अभ्यर्थियों ने लिखित रूप में भी अपनी आपत्तियां व सुझाव प्रस्तुत किए। एसआईटी ने सभी बिंदुओं को लिपिबद्ध करते हुए भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु इन्हें संज्ञान में लिया जाएगा।
एसआईटी ने स्पष्ट किया कि सभी सुझाव व शंकाएं उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति महोदय, जो इस विवेचना की निगरानी कर रहे हैं, के समक्ष रखी जाएंगी और तथ्यपरक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
चर्चा के दौरान अभ्यर्थियों ने कहा कि बीते वर्षों में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था, चैकिंग व फ्रिस्किंग की कड़ी प्रक्रिया से पारदर्शिता बनी रही। उन्होंने मांग की कि भविष्य की परीक्षाओं में भी ऐसे मानकों से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
