देहरादून/रिखणीखाल (पौड़ी गढ़वाल), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल ₹102.82 करोड़ की लागत से 11 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹56.58 करोड़ की 6 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹46.24 करोड़ की 5 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रिखणीखाल क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम गुणानंद के नाम पर रखने, विकासखंड रिखणीखाल में दलमोटा से बल्ली तक मिलान कार्य, प्रेक्षागृह निर्माण, अतिथि गृह व हेलीपैड निर्माण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापना, पम्पिंग योजनाएं, पशु सेवा केंद्रों का उच्चीकरण, मोटर मार्गों का निर्माण एवं शहीदों के नाम पर सड़कों का नामकरण जैसी अनेक घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने ओखली में धान कूटा, सिलबट्टे पर चटनी पीसी और मट्ठा बिलाया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि आज पहाड़ी उत्पादों की मांग देश-विदेश में तेजी से बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने आर्मी बैंड की प्रस्तुति का अवलोकन किया और सैनिकों का उत्साहवर्धन किया। तत्पश्चात उन्होंने उपस्थित जनसमूह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि देने का अवसर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के वीर सैनिकों ने सदैव राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। परमवीर चक्र और अन्य पुरस्कार विजेताओं की पुरस्कार राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु ₹10 हजार की सहायता दी जा रही है। सैनिकों को भूमि खरीद पर 25 प्रतिशत तक की स्टांप ड्यूटी छूट का लाभ दिया जा रहा है। अब तक 28 शहीद परिजनों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है, जबकि 13 प्रकरणों की प्रक्रिया प्रचलित है।
उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन सहित आधुनिक उपकरणों की सुविधा केंद्र सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम का लोकार्पण शीघ्र ही किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पौड़ी जनपद में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा झंडा एवं पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत पार्क का निर्माण पूरा हो चुका है। चारधाम पैदल मार्ग पुनर्संचालन, ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील निर्माण एवं धारीदेवी पैदल मार्ग पुनर्निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास के लिए कार्य कर रही है। दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC), ऑपरेशन कालनेमि और नकल विरोधी कानून जैसे कदम सुशासन की दिशा में ऐतिहासिक पहल हैं।
इस अवसर पर विधायक महंत दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भव्य सैन्य धाम से राज्य का गौरव बढ़ा है। मुख्यमंत्री द्वारा यूसीसी, नकल विरोधी कानून और रोजगार सृजन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं।
कर्नल मंजुल कफल्टिया, एडम बटालियन कमांडर ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीदों के परिजनों के साथ खड़ी है। किसी भी समस्या के समाधान हेतु परिजनों को गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क करने की अपील की।
कार्यक्रम में गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल, ब्लॉक प्रमुख रेणु रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
