Advertisement

DDU-GKY प्रोजेक्ट में फर्जीवाड़े का खुलासा, CBI–ED जांच की दीपक बजरंगी ने उठाई मांग

By: Naveen Joshi

On: Monday, December 15, 2025 3:46 PM

Google News
Follow Us

 

 

देहरादून।दिल्ली की कंपनी विषाद एड्यूटेक प्राइवेट लिमिटेड तथा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूएसआरएलएम) के बीच हुए कौशल विकास प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी का सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। इस संबंध में श्री राम युवा वाहिनी के अध्यक्ष दीपक बजरंगी ने देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र व राज्य सरकार, संबंधित विभागों और जनता को विस्तृत जानकारी दी।

दीपक बजरंगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) के अंतर्गत यूएसआरएलएम ने विषाद एड्यूटेक को 3 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक का ग्रांट दिया, जिसके लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुबंध किया गया। आरोप है कि विभाग अब तक उन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से इनकार कर रहा है, जिनके आधार पर सरकारी धन जारी किया गया।उन्होंने बताया कि कंपनी के दो निदेशक अतुल प्रकाश आनंद व विशाल जिंदल हैं, जिनके नाम पर दिल्ली व अन्य राज्यों में कई कंपनियां पंजीकृत हैं, जिन्हें जानबूझकर छिपाया गया। यह आरोप भी लगाया गया कि नियमों के विरुद्ध प्रोजेक्ट को थर्ड पार्टी को सौंपा गया और विभाग ने सब जानते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं की।

फर्जी प्लेसमेंट और बिलों का खेल, प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया गया कि लोकल वेंडर्स और संस्थाओं से काम कराकर उन्हें भुगतान नहीं किया गया, जबकि फर्जी बिलों के आधार पर विभाग से लगातार धन निकाला जाता रहा। आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के अनुसार, कई प्लेसमेंट कंपनियों के पते व फोन नंबर तक उपलब्ध नहीं कराए गए। फील्ड जांच में करीब 90 प्रतिशत कंपनियां अस्तित्वहीन पाई गईं, जबकि हजारों छात्रों के फर्जी प्लेसमेंट दर्शाए गए।

नो प्रॉफिट–नो लॉस नियमों का उल्लंघन, आरोप है कि नो प्रॉफिट–नो लॉस गाइडलाइंस के बावजूद कंपनी निदेशकों ने अपने निजी खातों, रिश्तेदारों और कर्मचारियों के खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर किए। कंपनी द्वारा उत्तर प्रदेश, उड़ीसा समेत अन्य राज्यों में चल रहे प्रोजेक्ट्स की भी गहन जांच की मांग की गई।

CBI–ED से संयुक्त जांच की मांग दीपक बजरंगी ने मांग की कि—सभी मामलों को दिल्ली से उत्तराखंड ट्रांसफर कर ओपन/स्पेशल कोर्ट में निष्पक्ष सुनवाई हो।

पूरे प्रकरण की CBI व प्रवर्तन निदेशालय (ED) से संयुक्त जांच कराई जाए। ,प्रोजेक्ट सैंक्शन से लेकर प्लेसमेंट वेरिफिकेशन तक पूरी चेन की फोरेंसिक जांच हो।

निदेशकों को हिरासत में लेकर कस्टोडियल पूछताछ की जाए।

20–25 संबद्ध कंपनियों का सेंट्रल फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि VJ लॉ एसोसिएट्स द्वारा कथित ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाकर जांच को प्रभावित किया जा रहा है, जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए।

7 दिन का अल्टीमेटम, श्री राम युवा वाहिनी ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई, तो उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के देहरादून स्थित कार्यालय पर धरना–प्रदर्शन किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि सभी आरोपों से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य (PDF) प्रेस विज्ञप्ति के साथ संलग्न किए गए ।

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

October 31, 2026

October 31, 2026

October 31, 2026

October 31, 2026

October 30, 2026

October 30, 2026

Leave a Comment