
“फिश फीड मील” व “मत्स्य पालन” से देवाल के रमेश गड़िया व किशन दानू बने आत्मनिर्भर
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
देवाल मुख्य बाजार में फिश फीड मील बनी है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में एकमात्र फीड मील है, जिसे रमेश गड़िया और किशन दानू दो लोगों ने मिलकर एक सहकारिता बनाई है जिससे उनकी अपनी आजीविका और अन्य बेरोजगार लोगों की आजीविका भी बढ़ रही है।
रमेश गड़िया ने बताया कि गड़िया स्वायत्त सहकारिता के नाम से हमने समूह बनाया गया है, जिसमें हम तीन-चार लोगों ने मिलकर समूह का गठन किया है, जिसके अंतर्गत हमारी फिश फीड मिल चलती है, जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सहयोग से हमें 60% सब्सिडी दी जाती है और 40% धनराशि हमारी लगती हैं।
उन्होंने बताया फिश फीड मिल की शुरुआत करने के लिए हमने पहले बाहर से कुशल ट्रेनर मंगवाए जिन्होंने हमारे स्थानीय युवाओं को भी ट्रेंड किया और वह अभी अपना रोजगार चला रहे हैं, उन्होंने बताया पूरे उत्तराखंड में किसानों के द्वारा चलाई जाने वाली यह एकमात्र फीड मिल है, इस फीड मिल में वर्तमान समय में हमारे तीन कर्मचारी कार्य करते हैं, जो बिल्कुल कुशल है,इससे पहले राजस्थान से ट्रेनर हमने मंगवाए थे उनके द्वारा इन लड़कों को ट्रेंड किया गया है और यही लड़के यहां पर फिश फीड तैयार करते हैं।
उन्होंने बताया मत्स्य पालन के लिए भी ₹600000 हमने ऋण लिया हैं, जिसमें 60% सरकार की सब्सिडी है हमने गड़िया स्वायत्त सहकारिता के अंतर्गत ऋण लेकर घेस गांव के डाडण तोक में मत्स्य तालाबों का निर्माण किया है, जिसमें 12 से 15 जो स्थानीय का काश्तकार हैं उनका समूह बनाया गया है, हमने ट्राउट मछली पालन किया गया है वर्तमान समय में आइटीबीपी, एसएसबी और सेना से सरकार के द्वारा एमओयू बनाया गया हैं, जिससे आमदनी में वृद्धि हुई है।
किशन सिंह दानू ने बताया कि गड़िया स्वायत्त सहकारिता के तहत हम फिश सीड सप्लाई और ट्राउट मछली को आइटीबीपी को बेच रहे हैं अभी तक लगभग 12 क्विंटल आइटीबीपी को सप्लाई कर दिया हैं और इस बार हमने 5 लाख सीड से बच्चे निकलकर भी सेल कर दिया हैं और पिथौरागढ़ भी फीड भेजा है, बैरंगना, उर्गम घाटी, नंदानगर घाट में भी हमारा सीड जा रहा है, मछली की जाल भी हमने अपने समूह के माध्यम से लोगों को उपलब्ध करवाई है जिससे मत्स्य विभाग के द्वारा हमें सहायता दी गई है, प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत भी हमें लाभ मिला है और मुख्यमंत्री मत्स्य योजना के तहत हमारा सेना के साथ एमओयू होने से हमारी आमदनी में वृद्धि हुई है, नाबार्ड की स्कीम आई है जिसका धामी जी ने उद्घाटन किया मोदी जी ने मत्स्य संपदा योजना शुरू की है, जिससे गरीब किसानों को लाभ मिला हैं।
कर्मचारी पवन कुमार ने बताया कि मैं फीड फैक्ट्री में काम करता हूं,फीड हम खुद तैयार करते हैं, इसमें हमारा फीड तैयार करने में जो रो मटेरियल आता है वह बाहर से आता है, हम उसको यहां पीस करके पाउडर बनाकर, मशीन में कटिंग करके, ड्रायर में डालकर, सुखाकर, तेल कोटिंग करके पैकिंग करते हैं, कौन सी फिश, कौन सा चारा है तैयार करके फिर मार्केट में भेजते हैं, हम मोदी जी का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने हमारे क्षेत्र में फैक्ट्री का निर्माण किया, जिससे हम जैसे बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिला हैं।





