देहरादून/लोहाघाट। उत्तराखंड ने खेल जगत में नया इतिहास रचते हुए देश के पहले समर्पित महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की शुरुआत कर दी है। चम्पावत जिले के लोहाघाट स्थित इस कॉलेज में प्रथम शैक्षणिक सत्र के लिए आयोजित चयन परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। पहले बैच के लिए 30 प्रतिभाशाली छात्राओं का चयन किया गया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने चयनित छात्राओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह केवल एक संस्थान की शुरुआत नहीं, बल्कि महिला खेल प्रतिभाओं को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि आज वह एक मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि देवभूमि की बेटियों की मां और बहन के रूप में गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।
रेखा आर्या ने कहा कि खेल के क्षेत्र में बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराने का जो सपना देखा गया था, वह अब साकार हो रहा है। यह कॉलेज महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ भारतीय खेलों के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश का यह पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज बेटियों को विश्वस्तरीय खेल प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध कराएगा।
खेल मंत्री ने कहा कि अब उत्तराखंड के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी संसाधनों की कमी के कारण पीछे नहीं रहेंगी। इस संस्थान से तैयार होने वाली खिलाड़ी भविष्य में ओलंपिक, एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तिरंगा बुलंद करेंगी।
उन्होंने पहले बैच में चयनित 30 छात्राओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि यह शुरुआत भविष्य में अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करने का मजबूत आधार बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड की बेटियां अब खेल के हर मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाएंगी।









