देहरादून। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भ्रष्टाचार और कथित अव्यवस्था के विरोध में शनिवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देहरादून के पूजा विहार स्थित दिवंगत छात्रा रिया थापा के आवास से कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान परिजनों, स्थानीय नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रिया थापा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कैंडल मार्च का नेतृत्व कांग्रेस के राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया ने किया। उन्होंने कहा कि रिया थापा की मौत देश की चरमराई शिक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर और दर्दनाक सवाल खड़ा करती है। उनका आरोप था कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और कथित परीक्षा घोटालों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।
वैभव वालिया ने कहा कि वर्षों की मेहनत करने वाले युवाओं का परीक्षा प्रणाली से भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही परीक्षा घोटालों की सर्वोच्च स्तर पर निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि देश के युवाओं के सपनों पर सीधा प्रहार हैं। यदि समय रहते प्रभावी सुधार नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों का शिक्षा व्यवस्था से विश्वास पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी रिया थापा सहित उन सभी विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, जिन्होंने परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों और तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और युवाओं के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।

कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की।
इस अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, हरेंद्र गोसाई, एनएसयूआई अध्यक्ष विकास नेगी, मंजू त्रिपाठी, अमन सिंह, पियूष गौड़, वीरेंद्र पवार, राजकुमार गुरुंग, अनिल थापा, विष्णु प्रसाद गुरुंग, गंगा प्रसादराई, भारती बस्नेत, आरती राणा, बिंदु गिरी, सीताराम नौटियाल, प्रकाश नेगी, मेघ बहादुर थापा, सिद्धार्थ वर्मा, स्वाति नेगी, शहजाद, चरणजीत कौशल, डिंपल सिंह, राव नसीम, श्याम सिंह बिष्ट, रामसूरत, नानक चंद, विनीत गुरुंग, सुरेंद्र सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, व स्थानीय नागरिक और रिया थापा के परिजन मौजूद रहे।









