उच्च शिक्षा के विस्तार से लेकर सुरक्षित साहसिक पर्यटन, विदेश रोजगार, कुंभ-2027 की तैयारियों और प्रशासनिक सुधारों तक कई अहम प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर
देहरादून,। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, उच्च शिक्षा, पर्यटन, स्कूली शिक्षा, वित्तीय प्रबंधन, युवाओं के रोजगार, वन संरक्षण तथा प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य के विकास को नई गति देने वाला बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षा, पर्यटन, रोजगार, वित्तीय अनुशासन और सुशासन के क्षेत्र में दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
कैबिनेट ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में उच्च तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मढ़धुरा स्थित निर्माणाधीन नन्हीं परी सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के विस्तार के लिए कुल 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने की मंजूरी दी। यह निर्णय अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के मानकों के अनुरूप संस्थान को विकसित करने के उद्देश्य से लिया गया है। भूमि उपलब्ध होने के बाद यहां अत्याधुनिक शैक्षणिक भवन, छात्रावास, फैकल्टी आवास, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल परिसर, ऑडिटोरियम और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इससे सीमांत क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रदेश में ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध होगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे।
राज्य में तेजी से बढ़ रहे साहसिक पर्यटन को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026 को भी मंजूरी प्रदान की। नई नियमावली में पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा मानकों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे उत्तराखण्ड की साहसिक पर्यटन गतिविधियों की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का विश्वास मजबूत होगा।
शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) स्थित केंद्रीकृत किचन से अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से चयनित विद्यालयों के कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ेगी तथा शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा।
बैठक में उत्तराखण्ड राज्य भण्डारण निगम के नियमित 68 कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वेतनमान का लाभ देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस निर्णय से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा क्योंकि इसका व्यय निगम अपने स्वयं के संसाधनों से वहन करेगा। कर्मचारियों को लंबे समय से इस निर्णय का इंतजार था।
कैबिनेट ने हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। कुंभ मेले के दौरान होने वाले व्ययों की समवर्ती लेखा परीक्षा को प्रभावी बनाने के लिए एक तकनीकी विशेषज्ञ तथा एक वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी के दो नए पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की गई। सरकार का मानना है कि इससे कुंभ मेले से संबंधित वित्तीय कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से की जा सकेगी।
वित्तीय प्रशासन को अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में पदोन्नति संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए संशोधन प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इस निर्णय से उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से पदोन्नति की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेगी।
इसी क्रम में राज्य की वित्तीय अनुश्रवण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत पदों का उच्चीकरण, भर्ती स्रोत में परिवर्तन तथा दो नए पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य वित्तीय अनुशासन को मजबूत करते हुए सरकारी योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है।
युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार से जोड़ने की दिशा में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण पहल की है। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत सहसपुर स्किल हब में स्थापित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के प्रभावी संचालन के लिए सात पदों वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) के गठन को मंजूरी प्रदान की गई। इससे प्रदेश के युवाओं को विदेशों में उपलब्ध रोजगार अवसरों, कौशल प्रशिक्षण, परामर्श तथा नियोजन संबंधी सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेंगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रशिक्षित युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
बैठक में ऋषिकेश स्थित बापूग्राम आरक्षित वन प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन और आगे की कार्रवाई के संबंध में भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कैबिनेट ने इस मामले में न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया, ताकि सभी कार्य विधिसम्मत ढंग से आगे बढ़ाए जा सकें।
कैबिनेट ने राज्य में नई अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों को अनुदान संबंधी बजट मद को समाप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। सरकार के अनुसार भविष्य में केवल उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त संस्थान ही संचालित होंगे। इस निर्णय का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समान मानकों को सुनिश्चित करना बताया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक के निर्णयों को प्रदेश के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उच्च शिक्षा के विस्तार, पर्यटन को सुरक्षित बनाने, स्कूली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने, कर्मचारियों के हितों की रक्षा, युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने, वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने तथा प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने वाले इन फैसलों से उत्तराखण्ड में विकास और जनकल्याण की योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।









