केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारंभ, देशभर की शिल्प विरासत और लोक संस्कृति ने मोहा मन
देहरादून,। परेड ग्राउंड रंग-बिरंगी संस्कृति, पारंपरिक शिल्प, लोक संगीत और स्वादिष्ट व्यंजनों की महक से गुलजार हो उठा। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर पांच दिवसीय छठे लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ किया। उद्घाटन के साथ ही मेले में उमड़ी भीड़ ने भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और हस्तशिल्प की अनूठी झलक का आनंद लिया।
पहली बार प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार और किसी राज्य सरकार की साझेदारी में आयोजित हो रहा यह महोत्सव उत्तराखंड के लिए विशेष उपलब्धि माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास, वरिष्ठ अधिकारी, देशभर से आए शिल्पकार, बुनकर, उद्यमी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक मेला नहीं, बल्कि देश के कारीगरों, बुनकरों और शिल्पकारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रभावी मंच है। उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति, यहां के लोगों की सादगी और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि देवभूमि आना उन्हें अपने घर आने जैसा अनुभव कराता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड पहली बार इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी कर रहा है। इससे प्रदेश के स्थानीय कारीगरों और युवाओं को देशभर की पारंपरिक कला एवं शिल्प से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण, स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
शिल्प, स्वाद और संस्कृति का अद्भुत संगम
महोत्सव में 130 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जिनमें लगभग 40 प्रतिशत स्टॉल उत्तराखंड की पारंपरिक कला और शिल्प को समर्पित हैं। कश्मीरी हस्तशिल्प, अजरख प्रिंट, लाख की चूड़ियां, पीतल एवं लकड़ी के उत्पाद, टेराकोटा, बांस और बेंत की कलाकृतियां तथा हथकरघा वस्त्रों ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। कई स्टॉलों पर कारीगरों ने लाइव शिल्प प्रदर्शन कर आगंतुकों को पारंपरिक कला निर्माण की बारीकियां भी दिखाई।
व्यंजनों की खुशबू ने बढ़ाया मेले का आकर्षण
करीब 20 फूड स्टॉल पर उत्तराखंड के पहाड़ी और कुमाऊंनी व्यंजनों के साथ देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक स्वाद का भी आनंद लिया जा रहा है। स्थानीय व्यंजनों की महक और विविध पकवानों ने मेले की रौनक को और बढ़ा दिया।
सांस्कृतिक संध्या में गूंजे सुर
पहले दिन की सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध गजल गायक तलत अजीज की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आगामी दिनों में ज्योति नूरां, किशन महिपाल, विवेक नौटियाल, माया उपाध्याय, पांडवास और परमिश वर्मा अपनी प्रस्तुतियों से महोत्सव को और रंगीन बनाएंगे।
उद्घाटन अवसर पर स्मारक डाक लिफाफे का विमोचन भी किया गया तथा अतिथियों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
11 से 15 जुलाई तक चलने वाला लोक संवर्धन पर्व प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे से रात 9:30 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुला रहेगा।









