देहरादून। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की एसआईटी, विभागीय तथा उच्चस्तरीय जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यदि गिरफ्तार आरोपी ने किसी के निर्देश पर कार्य करने की बात कही है, तो इसकी जानकारी गणेश गोदियाल को कैसे मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गोदियाल की आरोपी से बातचीत हुई है या उन्हें जांच एजेंसियों से कोई गोपनीय सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना तथ्यों के इस प्रकार के बयान देकर कांग्रेस जांच को प्रभावित करने तथा दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
द्विवेदी ने गणेश गोदियाल के मंदिर समिति अध्यक्ष रहते हुए लिए गए कुछ प्रशासनिक निर्णयों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कर्मचारी को नियमों की अनदेखी करते हुए इंटरनेट कोऑर्डिनेटर से व्यक्तिगत सहायक के पद पर पदोन्नत किया गया, जबकि संबंधित पद के लिए निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित पद आज भी विभाग में रिक्त है।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने दावा किया कि अपने 14 माह के कार्यकाल में उन्होंने मंदिर समिति के किसी भी कर्मचारी का निजी उपयोग नहीं किया, जबकि पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में समिति के संसाधनों का निजी और राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर समिति की दान राशि और बजट का उपयोग अधीनस्थ मंदिरों, धर्मशालाओं तथा संस्कृत विद्यालयों के विकास के बजाय अन्य कार्यों में किया गया।
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि वर्ष 2025 की जांच रिपोर्ट में भी समिति के संसाधनों के कथित दुरुपयोग से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। उनका आरोप है कि मंदिर समिति के धन का उपयोग विवेकाधीन कोष की तरह करते हुए विभिन्न व्यक्तियों और संस्थानों को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद सत्य सामने आएगा तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।









