देहरादून, । मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक में शिक्षा विभाग की प्रधानमंत्री पोषण (पीएम पोषण) एवं समग्र शिक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यालयों में व्यावसायिक (वोकेशनल) शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी बताई।
मुख्य सचिव ने पीएम पोषण योजना के तहत परोसे जा रहे मिड-डे मील का सोशल ऑडिट कराने और इसकी रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय में किसी दिन भोजन नहीं बनता है तो उसके कारणों की तत्काल जानकारी राज्य स्तर पर विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से एमडीएम सेल को उपलब्ध कराई जाए। एमडीएम सेल प्रतिदिन इसकी निगरानी करते हुए राज्य परियोजना निदेशक, संबंधित जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को तत्काल अवगत कराए, ताकि समय पर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।
बैठक में मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से विद्यालयों में छात्रों के हेल्थ चेकअप रोस्टर का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। साथ ही विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालयों की समुचित व्यवस्था एवं उनकी नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी विद्यालयों के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन विद्यालयों में अभी बिजली उपलब्ध नहीं है, उनकी कारण सहित सूची तैयार कर शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव ऊर्जा को ऐसे विद्यालयों में सरकारी भवनों के सोलराइजेशन कार्यक्रम के माध्यम से विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, चंद्रेश कुमार यादव, युगल किशोर पंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









