देहरादून। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देहरादून का पंजाबी समाज अपने पूर्वजों के बलिदान, संघर्ष और विस्थापन की पीड़ा को स्मरण करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करेगा। इस संबंध में रेसकोर्स गुरुद्वारा, देहरादून में उत्तराखंड पंजाबी महासभा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के विभिन्न गुरुद्वारों, मंदिरों, सामाजिक संस्थाओं एवं पंजाबी बिरादरी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2021 को लालकिले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का आह्वान किया था। इसका उद्देश्य वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लोगों तथा विस्थापन और अमानवीय यातनाएं झेलने वाले परिवारों के संघर्ष को स्मरण करना और भावी पीढ़ियों को उस त्रासदी के प्रति जागरूक करना है।
उत्तराखंड सरकार की ओर से इस वर्ष 14 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे प्रेम नगर आश्रम, हरिद्वार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। देहरादून का पंजाबी समाज इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।
इससे एक दिन पूर्व 13 अगस्त को शाम छह बजे घंटाघर, देहरादून से कैंडल मार्च निकाला जाएगा। बैठक में समाज के सभी वर्गों से परिवार सहित कैंडल मार्च में शामिल होने की अपील की गई, ताकि विभाजन की पीड़ा और बलिदान की स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में राज्य मंत्री विश्वास डब्बर ने आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए 13 और 14 अगस्त को होने वाले दोनों कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता का आह्वान किया। राज्य मंत्री अशोक वर्मा ने भी अपने विचार रखे।
रेसकोर्स गुरुद्वारा के अध्यक्ष बलबीर साहनी ने पंजाबियों के गौरवशाली इतिहास और विभाजन के दौरान उनके बलिदान पर प्रकाश डाला। राज्य संगठन सचिव जे.एस. आनंद ने बताया कि पूर्व में भी रुद्रपुर और देहरादून में 14 अगस्त को कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिन्हें समाज का व्यापक समर्थन मिला। राज्य कोषाध्यक्ष कोचर ने भी अपने विचार रखे।
विजय कथूरिया प्रदेश मीडिया प्रभारी ने बैठक का कार्यवृत्त दर्ज किया, जबकि मोंटी कोहली ने भी अपने विचार व्यक्त किए। जिला महानगर अध्यक्ष बलदेव पराशर ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए गुरुद्वारा, मंदिर समितियों और पंजाबी समाज की विभिन्न संस्थाओं से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता की अपील की। गोविंद मोहन ने बैठक का आयोजन किया और अपने अनुभव साझा किए।
बैठक में सोनिया आनंद, बबीता आनंद, रोहन चंदोक (पार्षद, रेसकोर्स), अमित भाटिया, प्रेम नगर, अरुण खरबंदा, गुरप्रीत सिंह, मनोज धवन, घई सहित बड़ी संख्या में समाज के सक्रिय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जिला पंजाबी महासभा ने बैठक में शामिल सभी प्रतिनिधियों और सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक में 13 अगस्त के कैंडल मार्च और 14 अगस्त के हरिद्वार कार्यक्रम को लेकर विस्तृत चर्चा हुई तथा दोनों कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर सहभागिता करने का निर्णय लिया गया।
पंजाबी समाज की अपील है कि 13 अगस्त को शाम छह बजे घंटाघर, देहरादून पहुंचकर परिवार सहित कैंडल मार्च में शामिल हों और 14 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे प्रेम नगर आश्रम, हरिद्वार पहुंचकर विभाजन विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले एवं विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करें









