देहरादून , ग्राफिक एरा में नौ राज्यों के छात्र-छात्राओं ने अन्नदाता को देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ बताया। युवाओं ने किसानों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप सक्षम बनाने और अन्नदाता की भूमिका को और मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में लोकविधान 2.0 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के कार्यक्रम क्रियान्वयन के सचिव दीपक कुमार ने कहा कि भारत का खाद्य भविष्य केवल खेतों में होने वाले उत्पादन से नहीं, बल्कि मजबूत नीतियों, नवाचार और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से आकार लेगा। दीपक कुमार ने सुझाव दिया कि यूथ पार्लियामेंट में सामने आए सभी प्रस्तावों और सुझावों को उत्तराखंड सरकार तक पहुंचाया जाए, ताकि युवाओं की सोच और विचारों को नीतियों में स्थान देकर समाज और प्रदेश के विकास में उनका प्रभावी योगदान सुनिश्चित किया जा सके।
दो दिवसीय इस सम्मलेन में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और जम्मू से 1300 छात्र प्रतिनिधियों ने किसानों के अधिकार, कृषि में एआई के उपयोग, सिंचाई में आधुनिक तकनीक, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और वैश्विक व्यापार जैसे विषयों पर संसदीय बहस और नीति निर्माण के जरिए मंथन किया।

लोकविधान 2.0 में बेस्ट स्कूल कॉन्टिजेंट का खिताब एपीएस बीरपुर, देहरादून ने अपने नाम किया, जबकि बेस्ट कॉलेज कॉन्टिजेंट का पुरस्कार यूपीईएस को मिला। लोकसभा में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए गाजियाबाद के पीयूष को बेस्ट डेलीगेट चुना गया। वहीं ऑल इंडिया पार्टी मीट में रौनक उपमन्यु और कमिटी ऑन एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर में दिल्ली के भगवत मान को बेस्ट डेलीगेट के सम्मान से नवाजा गया।
लोकविधान 2.0 का आयोजन ग्राफिक एरा की यूथ पार्लियामेंट सोसाइटी ने किया। कार्यक्रम में प्रो वीसी डा. संतोष एस. सर्राफ, यूथ पार्लियामेंट सोसाइटी की चेयरपर्सन डा. प्रभा लामा , डा. बी. एस. बिष्ट, डा. भारती शर्मा, डा. गौरव डिमरी के साथ अन्य शिक्षक शिक्षिकाएँ और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।












