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बदरीनाथ धाम में गूंजा भक्ति और आस्था का स्वर, मुख्यमंत्री धामी ने भगवान बदरीविशाल के किए दर्शन

By: Naveen Joshi

On: Sunday, September 20, 2026 4:05 PM

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बदरीनाथ। देवभूमि उत्तराखंड के पावन श्री बदरीनाथ धाम में  भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक आस्था का दिव्य संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए और विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान धाम का वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक आस्था से ओत-प्रोत रहा।

पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आस्था पथ सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा अधिकारियों से कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ ही धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पारंपरिक गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। मास्टर प्लान के माध्यम से विकसित की जा रही सुविधाओं से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि धाम के विकास के साथ इसकी पारंपरिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक स्वरूप का संरक्षण भी प्राथमिकता है।

कथा महोत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में सहभागिता की। कथा महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 150 से अधिक संत-साध्वी और 1200 से अधिक हरिभक्त शामिल हुए। संतों के सान्निध्य और हरिभक्तों की उपस्थिति से बदरीनाथ धाम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
इस अवसर पर पूज्यपाद महंत स्वामी श्री देवप्रसाददास जी स्वामी, पूज्यपाद सद्गुरुवर्य धर्मवल्लभदास जी स्वामी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम की यात्रा और भगवान बदरीविशाल के दर्शन अपने आप में एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति है। संतों एवं श्रद्धालुओं के मध्य आयोजित कथा महोत्सव में सहभागी होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम सनातन चेतना, तप, साधना और भारतीय आध्यात्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र है। भारतीय शास्त्रों में भी इस पावन धाम की महिमा का विशेष वर्णन मिलता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्राचीन विरासत, सनातन संस्कृति और आस्था के केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के साथ उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बाबा केदार की पावन भूमि से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। राज्य सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। चारधाम, गंगा-यमुना, हिमालय और हेमकुंड साहिब सहित अनेक पवित्र स्थल देवभूमि की आध्यात्मिक पहचान हैं। सरकार का प्रयास है कि तीर्थस्थलों का विकास श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप हो और उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा सदैव अक्षुण्ण बनी रहे।

उन्होंने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद और मार्गदर्शन समाज एवं राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणादायी रहा है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से सनातन परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। मुख्यमंत्री ने कथा महोत्सव में उपस्थित संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर राज्य मंत्री  हरक सिंह,  माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्षश गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष  गजेन्द्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री  विनोद कनवासी,  अरुण मैठाणी, जिलाधिकारी  गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक  सुरजीत सिंह पंवार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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