बाजपुर। विदेशी और इंटरनेट आधारित कॉल को भारतीय मोबाइल नंबर में बदलकर संचालित किए जा रहे कथित अवैध टेलीकॉम गेटवे का STF की साइबर कुमाऊं टीम ने भंडाफोड़ किया है। टीम ने बाजपुर के मुड़िया क्षेत्र में ईदगाह के पास एक मकान पर छापा मारकर SIM Box के जरिए संचालित नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। मौके से दो 32-स्लॉट SIM Box, 77 एंटीना, 114 Airtel SIM कार्ड समेत बड़ी मात्रा में टेलीकॉम उपकरण बरामद किए गए हैं।
STF के अनुसार, आरोपी SIM Box तकनीक के जरिए विदेशों और इंटरनेट आधारित VoIP नेटवर्क से आने वाली कॉल को भारतीय मोबाइल नेटवर्क की कॉल में परिवर्तित करता था। इसके बाद कॉल रिसीवर के मोबाइल फोन पर विदेशी नंबर के स्थान पर भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस तकनीक का इस्तेमाल कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए किया जा सकता है।
सात माह से चल रहा था कथित नेटवर्क
STF को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध SIM Box नेटवर्क संचालित होने की सूचना मिल रही थी। दूरसंचार विभाग (DoT) से प्राप्त तकनीकी जानकारी और इनपुट के आधार पर साइबर कुमाऊं टीम ने बाजपुर के मुड़िया क्षेत्र में निगरानी शुरू की। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद टीम ने ईदगाह के पास स्थित एक मकान में दबिश दी। यहां से कादिर पुत्र जाबिर अली (24), निवासी मिलक जुम्मावाली, थाना भगतपुर, मुरादाबाद को गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी द्वारा कथित तौर पर करीब सात माह से SIM Box आधारित टेलीकॉम गेटवे संचालित करने की बात सामने आई है। STF के अनुसार, आरोपी के बांग्लादेश से जुड़े कुछ साइबर अपराधियों के संपर्क में होने और उनके माध्यम से आर्थिक लाभ हासिल करने की जानकारी भी सामने आई है। इन संपर्कों और नेटवर्क की वास्तविक भूमिका की जांच जारी है।
114 सिम कार्ड और 77 एंटीना मिले
छापेमारी के दौरान टीम ने 32 स्लॉट क्षमता वाले दो SIM Box, 77 एंटीना और 114 Airtel SIM कार्ड बरामद किए। इसके अलावा एक Airtel इंटरनेट राउटर, Samsung A35 मोबाइल फोन, LAN और USB केबल, कनेक्टर, AC Adapter, पावर केबल, फाइबर वायर, मीडिया कन्वर्टर और एक्सटेंशन बोर्ड समेत अन्य उपकरण भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
STF की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि SIM Box में अलग-अलग व्यक्तियों की पहचान संबंधी दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग से हासिल किए गए SIM कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतने बड़े पैमाने पर SIM कार्ड कहां से हासिल किए गए और इस नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
साइबर ठगी में इस्तेमाल की आशंका
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि SIM Box नेटवर्क का इस्तेमाल साइबर अपराधों में तो नहीं किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि ऐसे नेटवर्क का इस्तेमाल फर्जी अधिकारी बनकर ठगी, डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। हालांकि इन बिंदुओं पर जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
2023 में भी SIM Box मामले में हो चुका है गिरफ्तार
STF के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी कादिर पहले भी SIM Box के जरिए अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित करने के मामले में कार्रवाई का सामना कर चुका है। वर्ष 2023 में थाना कटघर, मुरादाबाद पुलिस ने उसे इसी तरह के मामले में गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। वर्तमान में आरोपी जमानत पर बताया जा रहा है।
विदेशी कनेक्शन और पूरे नेटवर्क की जांच
STF अब मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दायरे में आरोपी के विदेशी संपर्क, साइबर अपराधियों से कथित संबंध, बैंक खातों में हुए लेन-देन, नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगी और SIM कार्ड उपलब्ध कराने वाले एजेंट शामिल हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित तौर पर फर्जी या दूसरे व्यक्तियों के दस्तावेजों पर जारी SIM कार्ड नेटवर्क तक कैसे पहुंचे।
मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। STF द्वारा बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।













