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चमोली के छोटे कस्बे की बेटी बनी सप्लाई इंस्पेक्टर…

By: Naveen Joshi

On: Sunday, September 27, 2026 9:00 AM

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चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )

अगर मेहनत सच्ची हो, हौसला मजबूत हो और सपना बड़ा हो, तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है सीमांत जनपद चमोली के छोटे से नगर पीपलकोटी की दृष्टि शाह। जिन्होंने उत्तराखंड लोअर पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की और उनका चयन सप्लाई इंस्पेक्टर के पद के लिए हुआ है। दृष्टि शाह की सफलता पहाड़ के छोटे शहरों और गांव की बेटियों के लिए प्रेरणादायक है। दृष्टि की प्रारंभिक शिक्षा हिमालय उदय चिल्ड्रन एकेडमी, सरस्वती शिशु मंदिर पीपलकोटी से हुई। राजकीय इंटर कॉलेज पीपलकोटी से 12 वीं की शिक्षा प्राप्त की और देहरादून के डीबीएस कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के उपरांत दृष्टि ने सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। दृष्टि ने बिना कोचिंग लिये सफलता प्राप्त की है। दृष्टि 2022 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। दृष्टि शाह ने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर, दादी, माता-पिता, परिवार, गुरुजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को दिया है। उनका कहना है कि परिवार का सहयोग और दादी का प्रोत्साहन उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा। सप्लाई इंस्पेक्टर के पद पर चयन के बाद दृष्टि ने कहा कि सरकारी सेवा में उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा करना और अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ निर्वहन करना रहेगा।

दृष्टि के पिता प्रमोद शाह की पीपलकोटी में एक छोटी सी चाय की दुकान है। प्रमोद शाह ने अपनी बेटियों को सदैव आगे बढ़ने का हौंसला दिया। प्रमोद शाह अपनी बेटी की सफलता पर बेहद खुश है, वे कहते हैं कि बेटियों को उड़ने दो और आगे बढ़ने दो, वो अपनी मंजिल खुद ढूंढ लेंगी। दृष्टि शाह भी कई बार पिता की छोटी-सी चाय की दुकान पर हाथ बांटती थी। आखिरकार दृष्टि शाह ने अपने पापा का सपना पूरा किया। सफलता से पहले दृष्टि को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने यूपीएससी सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन शारीरिक परीक्षा में कुछ सेकंड के अंतर से चयन से चूक गईं। उत्तराखंड पीसीएस 2024 की अंतिम मेरिट सूची में भी कुछ अंकों से उनका चयन नहीं हो पाया। चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर की दृष्टि ने पढ़ाई के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में भी सहयोग किया। घर के काम में हाथ बंटाने के साथ वह छुट्टियों में पिता की चाय की दुकान पर भी सहयोग करती थीं। दृष्टि की दो बड़ी बहनें भी सरकारी सेवा में हैं। एक बैंक में पीओ हैं, जबकि दूसरी वन विभाग में वन आरक्षी के पद पर कार्यरत हैं।

बंड विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह ने दृष्टि शाह की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच दृष्टि ने जिस तरह मेहनत कर सफलता हासिल की, वह पूरे बंड क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि असफलताओं के बावजूद दृष्टि ने अपना प्रयास नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत जारी रखी। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कठिन परिस्थितियां भी आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं। दृष्टि पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। पीपलकोटी की ऐतिहासिक रामलीला में उन्होंने महिला पात्र के रूप में लक्ष्मण की भूमिका निभाई थी। अपने पिता प्रमोद शाह के साथ प्रस्तुत परशुराम-लक्ष्मण संवाद को दर्शकों ने खूब सराहा।

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