हेरात, 30 सितंबर। अफगानिस्तान में रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हेरात-खाफ रेलवे के चौथे खंड के प्रथम चरण को परिचालन के लिए शुरू कर दिया गया है। तालिबान प्रशासन से संबद्ध बख्तर समाचार एजेंसी ने परियोजना के उद्घाटन की जानकारी के साथ इसका वीडियो भी जारी किया है।
करीब 43 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के निर्माण पर लगभग 57.111 मिलियन डॉलर खर्च होने की जानकारी दी गई है। हेरात में आयोजित उद्घाटन समारोह में अफगान रेलवे प्राधिकरण के प्रमुख मौलवी अब्दुल करीम फतेह, हेरात प्रशासन के अधिकारी, कजाकिस्तान के उप-वाणिज्य मंत्री तथा कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। परियोजना के निर्माण में एक कजाक कंपनी का भी सहयोग बताया गया है।
ईरान के रेल नेटवर्क से जुड़ रहा अफगानिस्तान
हेरात-खाफ रेलवे अफगानिस्तान को ईरान के रेल नेटवर्क से जोड़ता है। अफगान रेलवे अथॉरिटी के दस्तावेजों के अनुसार खाफ-हेरात रेल कॉरिडोर का विकास कई चरणों में किया जा रहा है। चौथे खंड के पहले चरण में रोज़नाक से रोबत परियान तक लगभग 43 किलोमीटर रेल लाइन शामिल है।
अफगानिस्तान के स्थलरुद्ध देश होने के कारण इस रेल संपर्क को क्षेत्रीय व्यापार और माल परिवहन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेल संपर्क के विस्तार से अफगानिस्तान को ईरान के माध्यम से अन्य क्षेत्रीय व्यापारिक मार्गों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
हर माह 1.10 लाख टन माल पहुंचने का दावा
अफगान मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ईरानी अधिकारियों की ओर से दावा किया गया है कि वर्तमान में हेरात-खाफ रेल मार्ग के माध्यम से हर महीने करीब 1.10 लाख टन माल अफगानिस्तान पहुंच रहा है। रेल परिवहन को लंबी दूरी के माल ढुलाई के लिए अपेक्षाकृत कम लागत वाला माध्यम माना जाता है।
रेल संपर्क के विस्तार से हेरात क्षेत्र में औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने तथा आयात-निर्यात कारोबार के लिए परिवहन विकल्प बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
दूसरे चरण में औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ेगा रेल नेटवर्क
हेरात-खाफ रेलवे के चौथे खंड का दूसरा चरण करीब 47 किलोमीटर लंबा है। अफगान प्रशासन के मीडिया एवं सूचना केंद्र के अनुसार इस चरण पर काम जारी है और परियोजना की अनुमानित लागत 54 मिलियन डॉलर से अधिक बताई गई है। इसके पूरा होने के बाद हेरात के औद्योगिक क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
अफगान प्रशासन हेरात-तुर्गुंडी, हेरात-मजार-ए-शरीफ और हेरात-स्पिन बोल्डक सहित अन्य रेल संपर्कों के विकास की योजनाओं पर भी काम कर रहा है।
मध्य और दक्षिण एशिया के बीच संपर्क पर जोर
अफगानिस्तान रेल और परिवहन बुनियादी ढांचे के विस्तार के माध्यम से स्वयं को मध्य एशिया, दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के बीच एक संभावित ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में विकसित करने पर जोर दे रहा है। कजाकिस्तान ने भी अफगानिस्तान में परिवहन एवं रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार में रुचि दिखाई है।
जून 2026 में कजाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ट्रांस-अफगान परिवहन कॉरिडोर तथा पाकिस्तान के कराची और ग्वादर बंदरगाहों तक माल पहुंचाने की संभावनाओं पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई थी।
सीमा और ट्रांजिट व्यवस्था अहम
विशेषज्ञों के अनुसार इन परियोजनाओं का वास्तविक क्षेत्रीय प्रभाव रेल नेटवर्क के आगे विस्तार, सीमा पार आवाजाही, कस्टम प्रक्रियाओं और ट्रांजिट व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर निर्भर करेगा। यदि संबंधित देशों के बीच परिवहन एवं व्यापारिक व्यवस्थाएं सुचारु रहती हैं तो रेल संपर्क अफगानिस्तान के आयात-निर्यात कारोबार के साथ-साथ क्षेत्रीय माल परिवहन के लिए नए विकल्प उपलब्ध करा सकता है।
अफगानिस्तान में 43 किमी रेलखंड शुरू, क्षेत्रीय व्यापारिक कनेक्टिविटी को मिल सकती है गति
By: Naveen Joshi
On: Wednesday, September 30, 2026 10:24 AM













