देहरादून। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के देहरादून आगमन दिवस की स्मृति में जत्था अकाली बाबा फतेह सिंह जी एवं समूह साध-संगत देहरादून की ओर से 2 से 4 अक्टूबर तक तीन दिवसीय गुरमत समागम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत विशाल बाइक रैली, धार्मिक दीवान और खालसाई महल्ला आयोजित होंगे। आयोजन गुरु नानक पब्लिक ग्राउंड, बन्नू स्कूल के सामने, रेसकोर्स में होगा।
आयोजन की जानकारी प्रेस क्लब देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में जत्थे के मुख्य सेवादार ने दी। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को गुरु पंथ के स्वागत में विशाल एवं शांतिपूर्ण बाइक रैली निकाली जाएगी। रैली आशारोड़ी फ्लाईओवर से शुरू होकर देहरादून शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए गुरु नानक पब्लिक ग्राउंड रेसकोर्स पहुंचेगी।
3 और 4 अक्टूबर को गुरु नानक पब्लिक ग्राउंड में विशाल धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे। इनमें विभिन्न पंथिक हस्तियां, रागी जत्थे, कविशर और प्रचारक संगत को गुरमत विचारों से जोड़ेंगे। कार्यक्रम में ज्ञानी शेर सिंह जी बुड्ढा दल, भाई हरविंदरपाल सिंह (लिटिल वीरजी), भाई गुरमीत सिंह शांत, बाबा गदगज सिंह, कविशर सुखबीर सिंह, ज्ञानी जंग सिंह, बीबी दलेर कौर, ज्ञानी बलविंदर सिंह (पांवटा साहिब), भाई सहजदीप सिंह (दिल्ली), भाई नवजोत सिंह (जगाधरी), बीबी सिमरन कौर, बीबी रवनीत कौर, भाई हर्षदीप सिंह व भाई रविंदर सिंह (अंबाला), भाई बलविंदर सिंह, भाई अवतार सिंह, भाई जनक सिंह और भाई मनप्रीत सिंह (देहरादून) सहित कई संत-रागी एवं पंथिक हस्तियां शामिल होंगी।
4 अक्टूबर को निकलेगा खालसाई महल्ला
आयोजन के अंतिम दिन 4 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे गुरु पंथ खालसा की रीत के अनुसार खालसाई महल्ला निकाला जाएगा। यह गुरु नानक पब्लिक ग्राउंड से प्रारंभ होकर रेसकोर्स चौक, प्रिंस चौक, रेलवे स्टेशन, दर्शनी गेट, कोतवाली, मोती बाजार, मछली बाजार, बिंदाल चौक, तिलक रोड, झंडा बाजार, सहारनपुर चौक, गुरुद्वारा सिंह सभा, प्रिंस चौक, रेस्ट कैंप चौक और त्यागी रोड होते हुए पुनः गुरु नानक पब्लिक ग्राउंड पहुंचकर संपन्न होगा।
आयोजकों के अनुसार समागम का उद्देश्य श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के देहरादून आगमन की ऐतिहासिक स्मृति को जीवंत करना है। महल्ले में निहंग सिंह फौजों का जाहो-जलाल, घोड़े, निशान-नगारे, शस्त्रविद्या (गतका) और खालसाई मर्यादा की झलक देखने को मिलेगी। आयोजकों का कहना है कि इसके माध्यम से नई पीढ़ी को सिख इतिहास, परंपरा और विरासत से जोड़ने के साथ समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।
ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार, दसवीं पातशाही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का देहरादून आगमन बाबा राम राय जी के ज्योति-जोत समाने के बाद हुआ था। उनकी धर्मपत्नी माता पंजाब कौर ने गद्दी विवाद और अन्याय के संबंध में गुरु साहिब से सहायता की प्रार्थना की थी। इसके बाद गुरु साहिब पांवटा साहिब से देहरादून पहुंचे और धर्म, न्याय एवं मर्यादा की रक्षा का संदेश दिया। गुरु साहिब के पावन चरणों की छोह से जुड़ी इसी ऐतिहासिक स्मृति को समर्पित यह आयोजन किया जा रहा है।
जत्था अकाली बाबा फतेह सिंह जी एवं समूह साध-संगत देहरादून ने सभी धर्मों की संगत से परिवार सहित समागम में पहुंचकर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।













