Advertisement

ग्राफिक एरा में एआई और डेटा विज्ञान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

By: Naveen Joshi

On: Thursday, October 8, 2026 7:03 PM

Google News
Follow Us

 

 

देहरादून , । ग्राफिक एरा में विशेषज्ञों ने कहा कि एआई मानव बुद्धिमत्ता की उपज है और इसकी दिशा भी मानव बुद्धि, विवेक और दृष्टि ही तय करेगी।

 

आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विज्ञान विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हो गई। संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डा. एस. एन. रंगनेकर ने कहा कि एआई का प्रभाव इस बात से तय होता है कि हम अपनी बुद्धिमत्ता और विवेक से इसका किस तरह उपयोग करते हैं। मानव बुद्धि ही एआई की आधारशिला है, इसलिए इसकी वास्तविक सफलता तभी है, जब तकनीक मानव बुद्धिमत्ता का विकल्प बनने के बजाय उसे और अधिक सक्षम बनाने का माध्यम बने।

 

प्रो-वीसी डा. संतोष एस. सर्राफ ने कहा कि एआई केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं, बल्कि एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इसका उपयोग मानव हित, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को केंद्र में रखते हुए किया जाना चाहिए।

 

इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में बिजनेस डिसीजन में एआई की भूमिका, डेटा साइंस और एआई से जुड़ी चुनौतियां एवं नैतिक मुद्दे और बिजनेस फोरकास्टिंग में एआई जैसे विषयों पर व चर्चा की जाएगी।

 

इस संगोष्ठी का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और एआईसीटीई ,नई दिल्ली ने संयुक्त रूप से किया। संगोष्ठी में कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के हेड डा. नवनीत रावत, डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के हेड डा. एन. एस. बोहरा के साथ कन्वीनर डा. गिरीश लखेड़ा और डा. रत्नाकर मिश्रा, अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment