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लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए नियमित नेत्र जांच जरूरी

By: Naveen Joshi

On: Thursday, October 8, 2026 7:23 PM

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देहरादून,  विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने मधुमेह, किडनी, हृदय रोग सहित लंबे समय से चल रही बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए नियमित एवं समग्र नेत्र देखभाल के महत्व पर जोर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी बीमारियों के कारण मोतियाबिंद, डायबिटिक रेटिनोपैथी, ग्लूकोमा और रेटिना से संबंधित अन्य गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, जिससे दृष्टि प्रभावित होने की आशंका रहती है।
अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे मरीजों में केवल आंखों की जांच पर्याप्त नहीं है। उपचार से पहले, उपचार के दौरान और उपचार के बाद मरीज के समग्र स्वास्थ्य को ध्यान में रखना आवश्यक है। इसके लिए नेत्र रोग विशेषज्ञों के साथ अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के कंसल्टेंट-नेत्र रोग डॉ. बी.एम. विनोद कुमार ने कहा कि मधुमेह, किडनी और हृदय संबंधी बीमारियां आंखों की रोशनी को प्रभावित करने वाली समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती हैं। कई मामलों में शुरुआत में इसके स्पष्ट लक्षण सामने नहीं आते, इसलिए समय पर जांच और उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मोतियाबिंद सर्जरी, विट्रेक्टॉमी, रेटिना लेजर उपचार, ग्लूकोमा उपचार तथा कॉर्निया से संबंधित प्रक्रियाओं सहित विभिन्न जटिल नेत्र रोगों का आधुनिक उपचार उपलब्ध है।
वहीं, कंसल्टेंट-नेत्र रोग डॉ. सोनल बंगवाल ने कहा कि एक से अधिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए आंखों के उपचार के साथ उनकी पूरी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन आवश्यक है। मधुमेह के मरीजों में रेटिना संबंधी समस्या के उपचार के साथ रक्त शर्करा का नियंत्रण जरूरी हो सकता है। इसी तरह किडनी या हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को नेत्र संबंधी प्रक्रिया से पहले संबंधित विशेषज्ञों की सलाह और चिकित्सकीय मूल्यांकन की आवश्यकता पड़ सकती है।
अस्पताल के अनुसार हार्मोन रोग विशेषज्ञ, किडनी रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ सहित विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता से जटिल मामलों में उपचार को बेहतर ढंग से समन्वित किया जा सकता है। इससे मरीजों को अलग-अलग स्थानों पर बार-बार जाने की आवश्यकता कम होती है और उन्हें एक ही संस्थान में समग्र चिकित्सा सुविधा मिलती है।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि मरीजों को जरूरत के अनुसार आधुनिक एवं समग्र नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। समय पर जांच, बीमारी की शीघ्र पहचान और उचित उपचार के माध्यम से मरीजों की दृष्टि को सुरक्षित रखने तथा जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

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