देहरादून, यूपीईएस ने अपने रनवे इन्क्यूबेटर के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर की स्कूली उद्यमिता प्रतियोगिता ‘फ्यूचर फाउंडर्स चैलेंज-2026’ के दूसरे संस्करण का आयोजन किया। एक से तीन नवंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में देश के 23 राज्यों और 100 से अधिक शहरों के 150 से अधिक स्कूलों के 1,500 से ज्यादा विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मक सोच और उद्यमशीलता की भावना विकसित करना तथा उनके नए विचारों को व्यावहारिक व्यावसायिक स्वरूप देने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
प्रतियोगिता में 500 से अधिक टीमों ने 750 से ज्यादा नवाचार आधारित विचार प्रस्तुत किए। चयन प्रक्रिया के बाद 30 टीमों को राष्ट्रीय स्तर के अंतिम चरण के लिए चुना गया। इन टीमों ने यूपीईएस के देहरादून परिसर में अपने
व्यावसायिक विचारों और प्रोटोटाइप का प्रदर्शन करते हुए विशेषज्ञों की जूरी के सामने प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों को इस दौरान अनुभवी उद्यमियों, उद्योग विशेषज्ञों और निवेशकों से सीधे संवाद करने तथा अपने विचारों पर मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।
विजेता टीम को डेढ़ लाख रुपये का पुरस्कार
प्रतियोगिता में करीब पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई थी। रायपुर स्थित एनएच गोयल वर्ल्ड स्कूल की टीम ने पहला स्थान हासिल करते हुए 1.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार जीता। लुधियाना के बीसीएम आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की टीम एक लाख रुपये के पुरस्कार के साथ प्रथम उपविजेता रही, जबकि लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की टीम ने द्वितीय उपविजेता के रूप में 50 हजार रुपये प्राप्त किए। इसके अलावा सात अन्य टीमों को 25-25 हजार रुपये के मेरिट पुरस्कार प्रदान किए गए।
खास बात यह रही कि शीर्ष तीन टीमों को यूपीईएस के रनवे इन्क्यूबेटर के प्री-इन्क्यूबेशन कार्यक्रम ‘टेकऑफ 6.0’ में भी स्थान मिला है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपने स्टार्टअप विचारों को आगे विकसित कर सकेंगे। शीर्ष दस टीमों को बेस्ट सीईओ, बेस्ट सीओओ, बेस्ट सीएफओ, बेस्ट सीएमओ, बेस्ट प्रेजेंटेशन, बेस्ट प्रोटोटाइप, बेस्ट टेक्नोलॉजी आइडिया और बेस्ट सस्टेनेबिलिटी आइडिया जैसी श्रेणियों में भी सम्मानित किया गया।
कार्यशालाओं से विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक अनुभव
आयोजन के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न संवादात्मक कार्यशालाएं, उद्यमियों के अनुभवों पर आधारित स्टोरीटेलिंग सत्र और बिजनेस आइडिया प्रस्तुत करने के प्रतिस्पर्धात्मक चरण आयोजित किए गए। प्रारंभिक चरण की जूरी में विभिन्न क्षेत्रों के सात अनुभवी उद्यमी और बिजनेस विशेषज्ञ शामिल रहे। वहीं, अंतिम चरण में चयनित दस टीमों ने विशेषज्ञ निर्णायक मंडल के सामने अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का उद्घाटन यूपीईएस के प्रो वाइस चांसलर एवं रजिस्ट्रार मनीष मदान ने किया। रनवे इन्क्यूबेटर के नेतृत्व में आयोजित स्टोरीटेलिंग कार्यशाला में प्रो. राहुल नैनवाल ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। वहीं, होमवर्सिटी के संस्थापक सौरव सिन्हा ने मुख्य संबोधन के माध्यम से उद्यमिता के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए।
कम उम्र से विकसित हो उद्यमशीलता की सोच
यूपीईएस के कुलपति डॉ. सुनील राय ने कहा कि उद्यमिता की शुरुआत किसी समस्या को नए दृष्टिकोण से समझने और उसका प्रभावी समाधान खोजने के आत्मविश्वास से होती है। फ्यूचर फाउंडर्स चैलेंज के माध्यम से स्कूली विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने, नए विचार विकसित करने और उन्हें व्यावहारिक रूप देने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कम उम्र से ही विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमशीलता की सोच विकसित करना आवश्यक है।
रनवे इन्क्यूबेटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं यूपीईएस के स्कूल ऑफ बिजनेस के वरिष्ठ निदेशक प्रो. राहुल नैनवाल ने कहा कि प्रतियोगिता के दूसरे संस्करण में प्रतिभागियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह स्कूली विद्यार्थियों में उद्यमिता के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। इस मंच के माध्यम से विद्यार्थियों को किसी समस्या की पहचान करने से लेकर उसका समाधान विकसित करने, बिजनेस मॉडल तैयार करने और विशेषज्ञों के सामने अपने विचार प्रस्तुत करने तक का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल पुरस्कार जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को अपनी क्षमताएं पहचानने, आत्मविश्वास विकसित करने और भविष्य के उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है।
स्टार्टअप संस्कृति को स्कूल स्तर तक पहुंचाने की पहल
यूपीईएस ने वर्ष 2025 में आयोजित प्रतियोगिता के पहले संस्करण की सफलता के बाद इस वर्ष इसका विस्तार किया है। इस पहल के माध्यम से अब तक विद्यार्थियों को अनुभवी उद्यमियों, उद्योग विशेषज्ञों और निवेशकों से जुड़ने का अवसर मिला है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के स्तर पर ही नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करना है, ताकि विद्यार्थी भविष्य में रोजगार तलाशने वाले ही नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करने वाले उद्यमी भी बन सकें।
फ्यूचर फाउंडर्स चैलेंज की यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, स्टार्टअप इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी राष्ट्रीय पहलों के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों में रचनात्मकता, समस्या समाधान और उद्यमशीलता के कौशल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके जरिए यूपीईएस और रनवे इन्क्यूबेटर स्कूल स्तर के नवाचारों को देश के व्यापक स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।













