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25 साल की संगीत साधना, ‘घनक’ में गूंजे सुर

By: Naveen Joshi

On: Sunday, August 9, 2026 7:47 PM

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देहरादून। संगीत जब दिल से निकलता है तो सीधे दिल तक पहुंचता है। सुर, ताल और शब्दों का यही जादू  सर्वे चौक स्थित आरआरडीटीओ ऑडिटोरियम में देखने को मिला, जब  25 वर्षों से संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके रवि म्यूजिकल ग्रुप की रजत जयंती के अवसर पर भव्य संगीतमय कार्यक्रम ‘घनक ’ का आयोजन किया गया। सदाबहार हिंदी फिल्मी गीतों, भावपूर्ण नगमों और उत्तराखंड की लोकधुनों से सजी इस संगीत संध्या ने दर्शकों को संगीत की उस दुनिया में पहुंचा दिया, जहां पुरानी यादें, भावनाएं और मधुर धुनें एक साथ जीवंत हो उठीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास एवं कैंट विधायक सविता कपूर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही सभागार में संगीत की स्वर लहरियां गूंज उठीं और कलाकारों ने एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां देकर माहौल को संगीतमय बना दिया।
संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं, भावनाओं की भाषा
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि संगीत मनुष्य के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। अच्छे गीत केवल मनोरंजन नहीं करते, बल्कि वे समाज, रिश्तों, प्रेम, संघर्ष और जीवन के विभिन्न रंगों को अभिव्यक्त करने का माध्यम बनते हैं। कुछ गीत ऐसे होते हैं जो समय बीतने के साथ पुराने नहीं पड़ते, बल्कि हर पीढ़ी के साथ और अधिक लोकप्रिय होते जाते हैं।
उन्होंने कहा कि संगीत में लोगों को जोड़ने की अद्भुत क्षमता है। प्रेम, शांति, सामाजिक सरोकार और व्यक्तिगत संघर्ष जैसे विषयों को गीतों के माध्यम से जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाता है, वह सीधे श्रोताओं के हृदय को स्पर्श करता है। ऐसे ही सदाबहार गीतों को एक मंच पर प्रस्तुत कर रवि म्यूजिकल ग्रुप ने अपनी 25 वर्षों की संगीत यात्रा को यादगार बनाने का कार्य किया है।
सदाबहार गीतों ने बांधा समां
‘घनक’ कार्यक्रम में हिंदी सिनेमा के सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। जैसे ही कलाकारों ने लोकप्रिय गीतों की धुन छेड़ी, दर्शक अपनी जगह पर झूमने लगे। कई गीतों ने श्रोताओं को पुराने दौर की यादों में पहुंचा दिया।
कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति ‘प्यार दीवाना होता है’ रही। कलाकार गुरविंदर सिंह ने अपनी मधुर आवाज में इस गीत को प्रस्तुत किया तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर उत्साह दिखाया। गीत की लोकप्रिय धुन और शानदार गायकी ने कार्यक्रम में मौजूद संगीत प्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में प्रस्तुत गीतों के माध्यम से भारतीय संगीत जगत के महान गायकों एवं संगीतकारों को संगीतमय श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। पुराने दौर के लोकप्रिय गीतों को नए अंदाज में प्रस्तुत करते हुए कलाकारों ने यह संदेश दिया कि अच्छे संगीत की उम्र कभी समाप्त नहीं होती। समय बदलता है, पीढ़ियां बदलती हैं, लेकिन दिल को छू लेने वाली धुनें हमेशा लोगों की स्मृतियों में जीवित रहती हैं।
उत्तराखंड की लोकधुनों ने बढ़ाई कार्यक्रम की खूबसूरती
कार्यक्रम में हिंदी फिल्मी गीतों के साथ उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। कलाकारों ने गढ़वाली और कुमाऊंनी गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। पहाड़ की मिट्टी की खुशबू से जुड़ी लोकधुनों ने सभागार में मौजूद लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ दिया।
गढ़वाली और कुमाऊंनी गीतों की प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। लोकगीतों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उत्तराखंड की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को भी मंच प्रदान किया।
25 वर्षों की संगीत यात्रा का जश्न
रवि म्यूजिकल ग्रुप की यह रजत जयंती केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पिछले 25 वर्षों की निरंतर संगीत साधना और सांस्कृतिक यात्रा का उत्सव रही। ग्रुप ने उत्तराखंड के साथ देश के विभिन्न राज्यों में संगीत, सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों का सफल आयोजन कर अपनी अलग पहचान बनाई है।
इन वर्षों में ग्रुप ने विभिन्न कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ संगीत प्रेमियों को मनोरंजन और संस्कृति से जोड़ने का कार्य किया है। ‘घनक’ के माध्यम से इसी लंबी यात्रा को याद किया गया और संगीत की दुनिया से जुड़े कलाकारों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों के योगदान को सम्मान दिया गया।

कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल
कार्यक्रम में रवि, गुरविंदर सिंह, यावनिका, विजय शाह, राजू अरोड़ा, पवन, राजेंद्र थापा, साहिल, सिद्धू और लकी सहित अनेक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। सभी कलाकारों ने अपनी गायकी और प्रस्तुति से दर्शकों को बांधे रखा।
कहीं रोमांटिक गीतों ने माहौल को भावुक बनाया तो कहीं जोशीली धुनों ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर किया। वहीं लोकगीतों ने उत्तराखंड की संस्कृति का रंग बिखेरा। अलग-अलग रंगों और सुरों से सजी इस संगीतमय शाम में दर्शकों को संगीत की कई विधाओं और भावनाओं का अनुभव हुआ।
गणमान्य अतिथियों की रही मौजूदगी
रजत जयंती समारोह में देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, कैंट विधायक सविता कपूर, पूर्व मेयर सुनील उनियाल ‘गामा’, जनरल ए.के. बक्शी, धीरेंद्र पंवार, राज्य मंत्री डी.एस. मान, सतीश शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अतिथियों ने रवि म्यूजिकल ग्रुप की 25 वर्षों की संगीत यात्रा की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार संगीत और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित करने की शुभकामनाएं दीं।
यादों में बस गई ‘घनक’ की शाम
‘घनक’ की शाम जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, संगीत का रंग और गहराता गया। पुराने नगमों ने श्रोताओं को उनकी पुरानी यादों से जोड़ा, जबकि उत्तराखंड की लोकधुनों ने अपनी संस्कृति का एहसास कराया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर लगातार बजती तालियों ने यह साबित कर दिया कि संगीत की कोई उम्र नहीं होती और सच्ची धुनें हमेशा दिलों में जिंदा रहती हैं।
रवि म्यूजिकल ग्रुप की रजत जयंती पर आयोजित यह संगीतमय संध्या देहरादून के सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशेष छाप छोड़ गई। ‘घनक’ ने 25 वर्षों की संगीत यात्रा को न केवल यादगार बनाया, बल्कि आने वाले वर्षों में संगीत और संस्कृति की इस यात्रा को और आगे बढ़ाने का संकल्प भी मजबूत किया।

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