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गुरु नानक कॉलेज में विश्व एनेस्थीसिया दिवस का भव्य आयोजन, छात्रों ने सीखी जीवनरक्षक तकनीकें

By: Naveen Joshi

On: Friday, October 17, 2025 1:48 PM

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देहरादून, गुरु नानक कॉलेज ऑफ़ पैरामेडिकल साइंसेज़, देहरादून के ऑपरेशन थियेटर टेक्नोलॉजी विभाग में  विश्व एनेस्थीसिया दिवस 2025 उत्साह और गंभीरता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की अहम भूमिका को रेखांकित करना और छात्रों को जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण देना रहा।

 

मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. गिरीश गुप्ता, NM, VSM (सेवानिवृत्त), वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ एवं निदेशक–अकादमिक, अनुसंधान एवं नवाचार (GEIMS, देहरादून), तथा विशेष अतिथि डॉ. रीना, विभागाध्यक्ष – एनेस्थीसिया, सुभारती अस्पताल, देहरादून उपस्थित रहीं।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व स्वागत भाषण से हुआ। डॉ. रीना ने अपने प्रेरक व्याख्यान में विश्व एनेस्थीसिया दिवस की थीम पर प्रकाश डालते हुए रोगी सुरक्षा, पेरीऑपरेटिव केयर और क्रिटिकल केयर मेडिसिन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की बदलती भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।

 

इसके उपरांत बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व डॉ. गिरीश गुप्ता एवं उनकी विशेषज्ञ टीम ने किया। वर्कशॉप में छात्रों को CPR, एयरवे मैनेजमेंट और आपातकालीन स्थिति में समन्वित प्रतिक्रिया जैसी जीवनरक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

 

200 से अधिक छात्रों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर BLS कार्ड और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

 

कॉलेज के सीईओ  भूपिंदर सिंह ने कहा,> “हम छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक दक्षता और नैतिक मूल्यों से भी समृद्ध बना रहे हैं। ऐसे कार्यक्रम भविष्य के हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए बेहद उपयोगी हैं।”

 

 

 

सीओओ  विनीत अरोड़ा ने कहा कि BLS प्रशिक्षण छात्रों के आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को सशक्त बनाता है, वहीं सीएसओ श्री सैथजीत सिंह ने अनुभव आधारित शिक्षा को उत्कृष्टता की ओर ले जाने वाला मार्ग बताया।

रजिस्ट्रार डॉ. ललित कुमार ने कहा कि यह दिवस हमें याद दिलाता है कि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चिकित्सा प्रणाली की रीढ़ हैं। निदेशक डॉ. एस. दुरैवेल ने कहा कि कॉलेज का लक्ष्य छात्रों को व्यावहारिक रूप से इतना सक्षम बनाना है कि वे किसी भी आपात स्थिति में सही निर्णय ले सकें।

 

कार्यक्रम के सफल संचालन में  सय्यद इमरान एवं  सबा गुल, फैकल्टी कोऑर्डिनेटर्स का विशेष योगदान रहा।

विश्व एनेस्थीसिया दिवस 2025 का यह आयोजन छात्रों के लिए शैक्षणिक रूप से समृद्ध, व्यावहारिक रूप से उपयोगी और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।

 

 

 

 

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