देहरादून,
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के ग्राम तैड़ी, पट्टी बनेलस्यूं निवासी शशांक तड़ियाल ने जापान के हिमेजी शहर में आयोजित एशियन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक रजत और दो कांस्य पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया।
83 किलोग्राम भार वर्ग में शशांक ने कुल 620 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया, जबकि बेंच प्रेस स्पर्धा में दमदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। यह उपलब्धि उनके वर्षों के समर्पण, कठिन अभ्यास और अनुशासित जीवनशैली का प्रमाण है।
शशांक वर्ष 2015 से पावरलिफ्टिंग की तैयारी में जुटे हैं। बीते एक दशक में उन्होंने न सिर्फ तकनीकी दक्षता बल्कि मानसिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया। राष्ट्रीय स्तर पर कई बार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके शशांक ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एशिया के दिग्गज खिलाड़ियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।
उनकी इस सफलता पर पूरे गढ़वाल, उत्तराखंड और देश को गर्व है। शशांक तड़ियाल आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं—इस बात के जीवंत उदाहरण कि अगर जुनून सच्चा हो और मेहनत निरंतर, तो पहाड़ों से निकलकर भी वैश्विक मंच तक पहुंचा जा सकता है।
