देहरादून, उत्तराखंड की पावन धरती पर आज ‘छत्रपति शिवाजी सेना’ की प्रदेश इकाई का भव्य और ऐतिहासिक गठन हुआ। देवभूमि में हिन्दवी स्वराज्य की उद्घोषणा करते हुए संगठन ने प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से पहुंचे कर्मठ कार्यकर्ताओं को पदभार सौंपकर अपने राष्ट्रवादी अभियान का शंखनाद किया।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन एकता शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र दत्त शर्मा और तुंगनाथ मंदिर के पूर्व रावल पंडित हरिकृष्ण किमोठी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने राहुल चौहान को प्रदेश अध्यक्ष और सुमित सिंघल को प्रदेश प्रभारी घोषित किया।
वहीं हरिकृष्ण किमोठी और संजय गर्ग को उत्तराखंड का संरक्षक नियुक्त किया गया। युवा इकाई के पदाधिकारियों में शुभम पंडित (प्रदेश अध्यक्ष), मनीष मित्तल (महासचिव), प्रतीक गोयल (उपाध्यक्ष), नीतेश वर्मा (मीडिया प्रभारी), और सुखपाल सिंह (सचिव) सहित कई उत्साही युवाओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चित आर्य ने इसे सनातन संस्कृति की रक्षा की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा, “यह केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा – सनातन धर्म, संस्कृति और शौर्य की पुनर्स्थापना का अभियान है।”
संगठन ने अपने उद्देश्यों में गुरुकुलों और मंदिरों की रक्षा, सनातन मूल्यों का प्रचार, हिन्दू समाज की एकता, राष्ट्रविरोधी ताकतों का विरोध और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की चेतना को प्रमुखता दी है। आने वाले समय में जनजागरण अभियान और संस्कृति संरक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा भी घोषित की जाएगी।
छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को आत्मसात करते हुए, यह संगठन अब उत्तराखंड में राष्ट्रनिष्ठ युवाशक्ति को एकजुट कर नया इतिहास रचने को तैयार है।
