मानव इंटेलीजेंस के साथ एआई का समन्वय आवश्यक : डॉ. जितेंद्र सिंह
देहरादून। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि दीर्घकालीन सफलता के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मानव इंटेलीजेंस का संतुलित समन्वय आवश्यक है। वे सोमवार को ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में एप्पल और इंफोसिस के सहयोग से स्थापित आईओएस डेवलपमेंट सेंटर तथा एनवीडिया सेंटर फॉर एआई एंड हाई परफोर्मिंग कंप्यूटिंग के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. सिंह ने कहा कि ए.आई. स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और शिक्षा जैसे हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। भविष्य की औद्योगिक क्रांति सूचना प्रौद्योगिकी नहीं बल्कि ए.आई. से होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों की भावना को यह सेंटर साकार रूप देगा और युवाओं के लिए असीम संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
नीति आयोग के सदस्य व चांसलर डॉ. वी.के. सारस्वत ने कहा कि ए.आई. उत्पादकता के साथ सोच और व्यवहार को भी प्रभावित कर रहा है। 2030 तक बड़ी संख्या में लोगों को रिस्किलिंग की जरूरत होगी। ए.आई. जिम्मेदारी के साथ मानव मूल्यों से जोड़कर ही वास्तविक लाभकारी हो सकेगा।
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने बताया कि बीस करोड़ रुपये की लागत से बने इस सेंटर में एनवीडिया का हाई कैपेसिटी एआई सर्वर स्थापित किया गया है। इसके साथ एप्पल व इंफोसिस का आईओएस सेंटर भी बनाया गया है, जिससे रिसर्च, इनोवेशन और उद्योग जगत को सीधा लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, वाइस चेयरपर्सन डॉ. राखी घनशाला, कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह, प्रो-वीसी डॉ. संतोष एस. सर्राफ समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
