देहरादून,
अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर युद्धस्तर पर बनाए गए कोठालगेट वैली ब्रिज और पूरी मसूरी रोड का जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में देर रात सेफ्टी ऑडिट किया गया। संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के उपरांत ही देहरादून-मसूरी रोड पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने पुल का निर्माण कार्य महज दो दिनों में बुधवार रात ही पूरा कर लिया था, लेकिन जनमानस की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिना सेफ्टी ऑडिट यातायात शुरू नहीं कराया गया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने एसडीएम मसूरी के नेतृत्व में एआरटीओ, क्षेत्राधिकार पुलिस तथा लोनिवि के अधीक्षण अभियंता की संयुक्त टीम गठित कर मसूरी रोड व वैली ब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराया।
इस दौरान पुल की मजबूती और मार्ग के क्रोनिक जोन को हर दृष्टिकोण से जांचा गया। संतुष्टिपूर्ण रिपोर्ट मिलने पर ही यातायात की अनुमति दी गई। इससे पहले प्रशासन ने एहतियातन मसूरी क्षेत्र से 13 आपातकालीन मरीजों को एंबुलेंस से देहरादून शिफ्ट कराया। इनमें 9 डायलिसिस, एक हृदय रोगी, एक हेड इंजरी केस, एक शिशु (एआरडीएएस पीड़ित) और एक हड्डी फ्रैक्चर का मरीज शामिल था।
उल्लेखनीय है कि 16 सितंबर की रात अतिवृष्टि से मसूरी मार्ग पर कई स्थानों पर क्रोनिक जोन बनने और कोठालगेट के पास पुल ध्वस्त होने से संपर्क बाधित हो गया था। जिला प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही करते हुए दो दिनों के भीतर वैली ब्रिज तैयार कराया। मुख्यमंत्री के निर्देशों और प्रशासन की सक्रियता से गुरुवार से देहरादून-मसूरी मार्ग पर यातायात पूरी तरह सुचारू हो गया है।
