देहरादून,। जिलाधिकारी के निर्देशों पर जिला टीबी फोरम की बैठक मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सीडीओ ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है और इसके लिए जिले में व्यापक स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक लोगों, संस्थाओं और संगठनों को निक्षय मित्र के रूप में जोड़ा जाए, ताकि मरीजों को दवा, पोषण किट और आजीविका सहायता समय पर मिल सके। उन्होंने स्वयं भी एक मरीज को गोद लेने की घोषणा की और विभागीय अधिकारियों से कम से कम एक मरीज को गोद लेने की अपील की।
कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन में सक्रिय योगदान देने वाली टीबी चैंपियन कविता, कल्पना, मीनाक्षी, नेहा और आयुष ममगाई को सीडीओ ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इन चैंपियनों का अनुभव और साहस समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एम.के. वर्मा ने जानकारी दी कि जिले में 5160 मरीजों के उपचार का लक्ष्य निर्धारित था, जबकि 6408 मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया गया है। वर्तमान में जिले के 1764 निक्षय मित्र सक्रिय हैं और 401 पंचायतों में से 184 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है।
सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि मरीजों को मुफ्त इलाज, पोषण किट और निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये तथा उपचार पूर्ण होने पर पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने निजी अस्पतालों को भी टीबी मरीजों की पहचान और जानकारी साझा करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ अभिनव शाह के साथ सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एम.के. वर्मा, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ओएनजीसी, मैक्स और सिनर्जी अस्पताल के चिकित्सक समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
