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सूर्यकांत धस्माना का तीखा प्रहार — “सरकार अपनी नाकामी छुपाने को रच रही अर्बन नक्सल का नया जुमला…

 

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार जनसरोकारों से जुड़े हर मुद्दे पर बुरी तरह विफल रही है। जनता के असंतोष और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अब सरकार “अर्बन नक्सल” जैसे खोखले जुमले का सहारा ले रही है।

 

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में  धस्माना ने कहा कि भाजपा सरकार को सबसे पहले प्रदेश की जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उत्तराखंड में यदि वास्तव में “अर्बन नक्सल” गैंग सक्रिय है, तो उसका सरगना कौन है? और क्या सरकार ने इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय को जानकारी दी है? क्योंकि स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में दावा किया था कि देश में नक्सलवाद लगभग समाप्ति की ओर है। ऐसे में उत्तराखंड में “अर्बन नक्सल” की नई थ्योरी क्या सरकार की जवाबदेही से बचने का बहाना है?

 

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक सीमावर्ती संवेदनशील राज्य है जिसकी सीमाएं चीन (तिब्बत) और नेपाल से लगती हैं। यदि यहां किसी प्रकार की नक्सली गतिविधि पनप रही है तो यह अत्यंत गंभीर मामला है और सरकार को इसका जवाब देना ही होगा।

 

कांग्रेस नेता ने कहा कि लगातार दो बार सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा सरकार ने जनता को निराश किया है। अब तीसरी बार चुनाव से पहले उसके पास कोई उपलब्धि नहीं है, इसलिए “अर्बन नक्सल” का नया नारा उछालकर जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जा रही है।

 

धस्माना ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन सरकार फर्जी आंकड़े पेश कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार पिछले पौने चार वर्षों में दी गई सरकारी नौकरियों का विभागवार श्वेत पत्र जारी करे। उपनल कर्मचारियों के मामले में भी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद सरकार ने समान वेतन व नियमितीकरण पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

 

महिलाओं पर अत्याचार, हत्या और बलात्कार जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है और कई मामलों में सत्तारूढ़ दल के लोग स्वयं संलिप्त पाए गए हैं। कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं और चौखुटिया जैसे क्षेत्रों में जनता को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है।

 

शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा पर बोलते हुए  धस्माना ने कहा कि प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरे तंत्र की पोल खुल चुकी है — पेपर लीक और नकल कांडों से परीक्षा प्रणाली की साख समाप्त हो गई है।

 

आपदा प्रबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि धराली आपदा जैसी घटनाओं में सरकार यह तक स्पष्ट नहीं कर पाई कि कितने लोगों की जानें गईं। इससे साबित होता है कि राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह फेल है।

 

अंत में  धस्माना ने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फिसड्डी साबित हुई है और अब केवल जुमलेबाजी के सहारे जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस जनता के असली मुद्दों को लेकर संघर्ष करती रहेगी और सरकार की जवाबदेही तय कराएगी।

 

पत्रकार सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के मीडिया सलाहकार सरदार अमरजीत सिंह, श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल, महानगर कांग्रेस उपाध्यक्ष विपुल नौटियाल सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

 

 

 

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