देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई और होरोवाला रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। प्राधिकरण का कहना है कि नियोजित और सुरक्षित शहरी विकास में बाधा डालने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। एमडीडीए की टीम ने मंगलवार को होरोवाला रोड पर जिशान खान द्वारा लगभग 40–45 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया। इसी तरह खैरी गांव, मुर्गी निगम रोड, सेलाकुई में परमजीत रिखोल द्वारा लगभग 5 बीघा क्षेत्र में की गई अवैध प्लॉटिंग पर भी कार्रवाई की गई। ग्राम शंकरपुर, नवोदय विद्यालय के निकट, कैचीवाला रोड, सहसपुर में राहुल धनोला एवं अन्य द्वारा की जा रही 22 बीघा अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल, अमन पाल, सुपरवाइजर समेत पुलिस बल मौजूद रहा।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा—“एमडीडीए का उद्देश्य सुव्यवस्थित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। इसी के तहत अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति लागू की गई है। बिना मानचित्र स्वीकृति और बिना बुनियादी सुविधाओं के प्लॉटिंग करना कानून का उल्लंघन है और भविष्य में नागरिकों के लिए जोखिम पैदा करता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिक किसी भी भूमि या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी विधिक स्थिति अवश्य जांच लें और केवल एमडीडीए स्वीकृत कॉलोनियों में ही निवेश करें।”
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा— “प्राधिकरण अवैध निर्माणों पर सतत निगरानी रख रहा है। जहां भी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तत्काल कार्रवाई की जाती है। विकास क्षेत्रों की नियमित फिजिकल वेरिफिकेशन की जा रही है ताकि अवैध प्लॉटिंग पनप न सके। नागरिक मानचित्र स्वीकृति और विधिक प्रक्रिया की पुष्टि कर ही भूमि खरीदें। एमडीडीए का प्रयास है कि सभी विकास कार्य नियमों के अनुरूप और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ें।”





