देहरादून, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) ने राज्य के क्रिकेट में अनुशासन, पारदर्शिता और पेशेवर आचरण को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए खिलाड़ियों एवं टीम अधिकारियों के लिए नया और विस्तृत कोड ऑफ कंडक्ट लागू करने का निर्णय लिया है। अपेक्स काउंसिल की बैठक में इस कोड को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। यह नियम आगामी क्रिकेट सत्र से सभी आयु वर्गों और स्तरों पर प्रभावी होंगे।
CAU अध्यक्ष दीपक मेहरा ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी। “हम चाहते हैं कि हमारे खिलाड़ी मैदान पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करें और मैदान के बाहर भी अनुशासन व आदर्श आचरण का उदाहरण प्रस्तुत करें। सख्त लेकिन निष्पक्ष नियमों से युवा प्रतिभाओं को सही दिशा मिलेगी,” उन्होंने कहा।
CAU सचिव किरण रौतेला वर्मा ने स्पष्ट किया कि अनुशासन, ईमानदारी और फिटनेस क्रिकेट विकास की आधारशिला हैं। “यह कोड पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा और सभी खिलाड़ियों को समान अवसर देगा। हमें विश्वास है कि इससे उत्तराखंड के क्रिकेटर राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे,” उन्होंने कहा।
व्यवहार व अनुशासन: कोच, साथी खिलाड़ियों, विरोधियों, अंपायरों व अधिकारियों के प्रति सम्मान अनिवार्य। झगड़ा, अपशब्द, मौखिक दुर्व्यवहार व नकारात्मक बॉडी लैंग्वेज पर सख्त कार्रवाई।
बेईमानी पर सख्ती: चोट का नाटक करना, चोट छिपाना या स्टाफ को गुमराह करना पूर्णतः प्रतिबंधित।
उपस्थिति व समयपालन: अभ्यास, बैठकों व मैचों में समय पर उपस्थिति अनिवार्य। बिना पूर्व सूचना अनुपस्थिति को मिसकंडक्ट माना जाएगा।
ईमानदारी व फिटनेस: फिटनेस व चोट की सही रिपोर्टिंग जरूरी; BCCI फिटनेस मानकों का पालन अनिवार्य।
सुविधाओं का सम्मान: किट, ग्राउंड, जिम व उपकरणों के दुरुपयोग पर दंड।
सोशल मीडिया व सार्वजनिक आचरण: टीम/अधिकारियों को बदनाम करने वाली पोस्ट प्रतिबंधित; आंतरिक मामलों पर नकारात्मक चर्चा वर्जित।
मैदान पर आचरण: अंपायर से बहस, उपकरण फेंकना व असportsmanlike व्यवहार पर सजा।
टीम कमिटमेंट: टीम हित सर्वोपरि; नकारात्मक गॉसिप व दोषारोपण पर रोक।
उल्लंघन की गंभीरता के अनुसार चेतावनी, जुर्माना (मैच फीस का 50% तक), मैच बैन या गंभीर मामलों में एक वर्ष तक घरेलू क्रिकेट से प्रतिबंध लगाया जा सकता है। चोट छिपाने या बिना सूचना अनुपस्थिति पर तत्काल सत्र से हटाने का प्रावधान भी रखा गया है। शिकायतों के लिए निर्धारित चैनल का पालन अनिवार्य होगा; मैच रेफरी 24 घंटे के भीतर सुनवाई करेंगे। सभी खिलाड़ियों को कोड की स्वीकृति पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा।
बैठक में अध्यक्ष दीपक मेहरा, सचिव किरण रौतेला वर्मा, उपाध्यक्ष अजय पांडे, कोषाध्यक्ष मानस मेगवाल, संयुक्त सचिव नूर आलम, काउंसलर मनोज नौटियाल, सीईओ मोहित डोभाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
CAU शीघ्र ही विस्तृत गाइडलाइंस और स्वीकृति फॉर्म जारी करेगा, जिन्हें सभी क्लबों और खिलाड़ियों तक पहुंचाया जाएगा। यह पहल उत्तराखंड क्रिकेट को अधिक पेशेवर, अनुशासित और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है।
