रुद्रप्रयाग।,ग्राम पंचायत कमेड़ा के खराल तोक क्षेत्र के 24 परिवारों ने नगर पालिका रुद्रप्रयाग में शामिल होने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है। नगर पालिका द्वारा ग्राम पंचायत के कुछ हिस्सों को अपने क्षेत्र में सम्मिलित किए जाने के निर्णय को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से ग्राम पंचायत व्यवस्था के अंतर्गत रहकर अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक जीवनशैली से जुड़े हुए हैं। नगर पालिका में शामिल होने से उन पर अतिरिक्त करों का बोझ बढ़ेगा, सरकारी योजनाओं का स्वरूप बदलेगा तथा ग्राम पंचायत से मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित होंगी। साथ ही ग्रामीण पहचान और अधिकारों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
इस संबंध में ग्रामीणों ने रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने नगर पालिका में शामिल न किए जाने तथा ग्राम पंचायत कमेड़ा की मूल सीमाएं बहाल रखने की मांग की है।
जिला पंचायत सदस्य गंभीर सिंह बिष्ट ने कहा कि यह निर्णय ग्रामीणों की सहमति के बिना लिया गया है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। वहीं ग्राम प्रधान उषा रावत ने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि ग्राम सभा की सहमति के बिना ऐसा कोई भी निर्णय स्वीकार्य नहीं है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र निर्णय वापस नहीं लिया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
