, देहरादून : द आर्यन स्कूल में मध्य एवं वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों के लिए हिंदी एवं अंग्रेज़ी वाद-विवाद, आशुभाषण तथा संसदीय वाद-विवाद प्रतियोगिताओं की श्रृंखला का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों को अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने, संवाद कौशल को निखारने तथा बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया।
आयोजित प्रतियोगिताओं में मध्य वर्ग हिंदी वाद-विवाद, वरिष्ठ वर्ग आशुभाषण, मध्य वर्ग अंग्रेज़ी वाद-विवाद तथा वरिष्ठ वर्ग अंतर-सदनीय संसदीय वाद-विवाद प्रतियोगिता प्रमुख रहीं।
मध्य वर्ग की हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता में चारों सदनों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, प्रभावशाली अभिव्यक्ति और विचारों की स्पष्टता का परिचय देते हुए सुव्यवस्थित तर्कों एवं प्रभावी प्रस्तुति से निर्णायकों और दर्शकों को प्रभावित किया।
प्रतियोगिता में अथर्वा सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि रिग सदन द्वितीय, यजुर सदन तृतीय और सामा सदन चतुर्थ स्थान पर रहा। व्यक्तिगत पुरस्कारों में अथर्वा सदन के नक्ष समांता को पक्ष में सर्वश्रेष्ठ वक्ता तथा अथर्वा सदन के औनिश अवल को विपक्ष में सर्वश्रेष्ठ वक्ता घोषित किया गया।
इसके पश्चात वरिष्ठ वर्ग की आशुभाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने दिए गए विषयों पर बिना पूर्व तैयारी के अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने अपनी त्वरित सोच, विषय की समझ, आत्मविश्वास, भाषा पर पकड़ और प्रभावशाली अभिव्यक्ति का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में अथर्वा सदन की अराध्या नेगी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि यजुर सदन की वैष्णवी नेगी उपविजेता रहीं। सदनवार परिणामों में अथर्वा सदन प्रथम, यजुर सदन द्वितीय, रिग सदन तृतीय और सामा सदन चतुर्थ स्थान पर रहा।
साहित्यिक कार्यक्रम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण मध्य वर्ग की अंग्रेज़ी वाद-विवाद प्रतियोगिता रही। इसके अंतिम चरण में “सोशल मीडिया आइसोलेट्स पीपल रैदर दैन ब्रिंग्स देम टुगेदर” विषय पर विद्यार्थियों ने पक्ष और विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत किए। चारों सदनों के प्रतिभागियों ने विश्लेषणात्मक सोच, आत्मविश्वास और प्रभावशाली वक्तृत्व कौशल का परिचय दिया।
अंग्रेज़ी वाद-विवाद प्रतियोगिता में रिग सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अथर्वा सदन द्वितीय, सामा सदन तृतीय और यजुर सदन चतुर्थ स्थान पर रहा।
कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ वर्ग की अंतर-सदनीय संसदीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने सांसदों की भूमिका निभाते हुए “मॉडर्न सोसायटी रिवार्ड्स अपीयरेंसेस मोर दैन कैरेक्टर” विषय पर सारगर्भित चर्चा की। प्रतिभागियों ने व्यापक शोध, तार्किक विश्लेषण, प्रभावशाली वक्तृत्व और उत्कृष्ट संसदीय मर्यादा का प्रदर्शन करते हुए विषय के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे।
संसदीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में सामा सदन ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। रिग सदन द्वितीय, अथर्वा सदन तृतीय और यजुर सदन चतुर्थ स्थान पर रहा। प्रत्येक सदन से सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं को व्यक्तिगत सम्मान प्रदान किए गए। सामा सदन की अलायना सिद्दीकी को सर्वश्रेष्ठ वक्ता घोषित किया गया, जबकि कृति वशिष्ठ को सर्वश्रेष्ठ उपविजेता वक्ता चुना गया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या बी. दासगुप्ता ने सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा, “वाद-विवाद और सार्वजनिक वक्तृत्व प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने, आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त करने और विभिन्न दृष्टिकोणों का सम्मान करने के लिए सशक्त बनाती हैं। एक जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता और वैश्विक नागरिक बनने के लिए ये गुण अत्यंत आवश्यक हैं।”









