देहरादून, मुख्यमंत्री धामी के संकल्प “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के तहत दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाने की पहल प्रभावी साबित हो रही है। इसी क्रम में देहरादून जिला प्रशासन ने कालसी ब्लॉक की दूरस्थ न्याय पंचायत उद्पाल्टा में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों को उनके क्षेत्र में ही सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया।
शिविर में कुल 447 ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला। अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा ने जनसुनवाई करते हुए ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया।
39 शिकायतों का निस्तारण
शिविर के दौरान सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल, कृषि और राजस्व से जुड़ी कुल 39 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें शिक्षा एवं लघु सिंचाई से संबंधित 12, सड़क व राजस्व की 10, पेयजल व कृषि की 6, स्वास्थ्य, पर्यटन, श्रम व वन विभाग की 8 तथा दूरसंचार व विद्युत की एक-एक शिकायत शामिल रही।
एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही या अनावश्यक विलंब को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिविर में जन्म, मृत्यु एवं यूसीसी सहित 28 प्रमाण पत्र मौके पर जारी किए गए। पंचायती राज विभाग ने जन्म, मृत्यु, यूसीसी, पेंशन व परिवार रजिस्टर संशोधन के 33 मामलों का निस्तारण किया, जबकि राजस्व विभाग ने 8 खाता-खतौनी, आय एवं स्थायी प्रमाण पत्र जारी किए।
स्वास्थ्य व कृषि सेवाओं का लाभ
स्वास्थ्य विभाग ने एलोपैथिक में 77 तथा आयुर्वेदिक में 114 लोगों की जांच कर निःशुल्क दवाएं वितरित कीं। कृषि विभाग ने 73 तथा उद्यान विभाग ने 5 किसानों को बीज, दवा व उपकरण प्रदान किए। पशुपालन विभाग ने 5 पशुपालकों को औषधियां वितरित कीं।
समाज कल्याण विभाग ने 19 सामाजिक पेंशन स्वीकृत कर ऑनलाइन कीं, जबकि जिला पूर्ति विभाग ने 24 राशन कार्डों की ई-केवाईसी एवं यूनिट वृद्धि की प्रक्रिया पूरी की। इसके अतिरिक्त ग्राम्य विकास (15), सहकारिता (10), सिंचाई (2), श्रम (35), महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास (15) तथा कौशल विकास एवं सेवायोजन (6) लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया गया।
शिविर में ब्लॉक प्रमुख सावित्री चौहान, जिला पंचायत सदस्य रेखा नेगी, उपजिलाधिकारी प्रेम लाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज नौडियाल, तहसीलदार सुशीला कोटीयाल, खंड विकास अधिकारी जगत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
“प्रशासन गांव की ओर” की यह पहल दूरस्थ क्षेत्रों में शासन-प्रशासन की सक्रियता और जनसेवाओं की सहज उपलब्धता का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरी है।
