Advertisement

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार, राजस्व वृद्धि पर फोकस

By: Naveen Joshi

On: Thursday, February 19, 2026 8:26 PM

Google News
Follow Us
------

 

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में राज्य की राजस्व प्राप्तियों की वर्तमान स्थिति एवं आगामी लक्ष्यों के यथार्थपरक आकलन के संबंध में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे राजस्व संग्रहण की प्रगति, संभावनाओं तथा लक्ष्य निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की गई।

एसजीएसटी में 20 हजार करोड़ का लक्ष्य, टैक्स बेस विस्तार पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि एसजीएसटी के अंतर्गत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये तक राजस्व प्राप्ति की पर्याप्त संभावनाएं हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित करते हुए उन्होंने विभाग को टैक्स बेस का व्यापक विस्तार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जो व्यवसाय कराधान की परिधि में आते हैं, उन्हें चिन्हित कर टैक्स नेट में शामिल किया जाए। ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की पहचान की जाए जो वर्तमान में कर के दायरे से बाहर हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि एसजीएसटी में उच्च संभावनाओं के बावजूद अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिसे तत्काल सुधारने की आवश्यकता है।

विभागवार उपलब्धियों एवं संभावनाओं की समीक्षा

बैठक में सीजीएसटी, वैट, स्टांप एवं पंजीकरण, आबकारी, खनन, परिवहन, वन, विद्युत (कर एवं गैर-कर) तथा जलकर सहित विभिन्न मदों की विभागवार समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अगली बैठक में सेक्टरवार टैक्सपेयर की संख्या, वृद्धि की रणनीति, जीएसडीपी में संबंधित सेक्टर के योगदान तथा संभावित राजस्व वृद्धि का विस्तृत और तथ्यपरक डाटा प्रस्तुत करे।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कर संग्रहण की संभावनाएं हैं, वहां तार्किक, पारदर्शी एवं प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए तथा नए राजस्व स्रोतों की व्यवस्थित पहचान की जाए।

खनन, वन एवं हर्बल सेक्टर में राजस्व वृद्धि की कार्ययोजना

खनन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निजी एवं सरकारी दोनों प्रकार के माइनिंग लॉट की समुचित पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फॉरेस्ट एवं नॉन-फॉरेस्ट क्षेत्रों में संभावित राजस्व स्रोतों का सर्वेक्षण कर ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया।

उन्होंने कहा कि वन एवं हर्बल सेक्टर में भी राजस्व वृद्धि की पर्याप्त संभावनाएं हैं। ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए जहां से राजस्व अर्जित होना चाहिए, किंतु वर्तमान में अपेक्षित प्राप्ति नहीं हो पा रही है।

राजस्व लक्ष्य से वंचित विभागों को भी प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि जिन विभागों को अभी तक राजस्व लक्ष्य आवंटित नहीं किया गया है, किंतु जिनके लिए व्यवहारिक रूप से लक्ष्य निर्धारित किया जा सकता है, उन्हें चिन्हित कर राजस्व सृजन की प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि कोई भी संभावित कर स्रोत छूटने न पाए तथा कर प्रणाली को अधिक तार्किक, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया जाए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य की वित्तीय सुदृढ़ता के लिए राजस्व संग्रहण में गुणात्मक सुधार अनिवार्य है। सभी विभाग समन्वय, गंभीरता एवं रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें ताकि निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, एल.एल. फैनई, सचिव दिलीप जावलकर सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Static 1 Static 1

Naveen Joshi

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Leave a Comment