देहरादून। हिंदू नववर्ष चैत्र प्रतिपदा के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के देहरादून दक्षिण महानगर द्वारा भव्य पथ संचलन संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महानगर के चार नगरों—शिवाजी नगर, महाराणा प्रताप नगर, प्रेम नगर एवं मानक सिद्ध नगर—के युवा, तरुण एवं प्रौढ़ आयु वर्ग के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
चारों नगरों से निकले पथ संचलन का संगम अन्ना हजारे चौक, मेहुवाला माफी पर हुआ, जहां से सामूहिक संचलन राजकीय इंटर कॉलेज, मेहुवाला तक पहुंचा। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर स्वयंसेवकों के परिवारजनों के साथ-साथ समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों एवं बड़ी संख्या में आम जनमानस की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में स्वयंसेवकों द्वारा अमृत वचन एवं एकल गीत की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी गईं। इसके पश्चात संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र ने बौद्धिक संबोधन में उपस्थित स्वयंसेवकों को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए हिंदू कालगणना के वैज्ञानिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदू कालगणना ब्रह्मांडीय पैमाने पर आधारित है तथा यह चंद्र, सौर और नक्षत्रों पर आधारित अत्यंत सूक्ष्म एवं जटिल प्रणाली है।
डॉ. शैलेंद्र ने सत्य, त्रेता, द्वापर एवं कलियुग की अवधारणा का उल्लेख करते हुए इसकी व्यापकता को रेखांकित किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक एवं आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का स्मरण करते हुए उनके जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा किया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों एवं आर्थिक अभावों के बावजूद डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्र सेवा को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन समाज के लिए समर्पित किया।
उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे डॉ. हेडगेवार के आदर्शों से प्रेरणा लेकर संघ कार्यों का विस्तार करें तथा राष्ट्र और समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिण महानगर के सरसंघचालक एवं प्रसिद्ध उद्योगपति कैलाश मैलाना सहित नीरज मित्तल, चंद्र मोहन गौर, भगत सिंह राणा, सतेंद्र, राकेश भट्ट एवं अनेक ज्येष्ठ स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन संघ की प्रार्थना एवं भारत माता के वंदन के साथ हुआ।
