देहरादून, ग्राफिक में छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने वाले स्मार्ट टूल्स, एआई आधारित कार्य प्रणाली और डिवाइस तकनीक को बेहतर बनाने के तरीकों की जानकारी दी गई।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आज अगली पीढ़ी के सेमीकंडक्टर मॉडलिंग में एआई टूल्स के उपयोग पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। सत्र को संबोधित करते हुए आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ सुदेब दासगुप्ता ने कहा कि एआई के दौर में तकनीक नई ऊँचाइयों पर पहुँच रही है। 2–3 नैनोमीटर के सूक्ष्म सेमीकंडक्टर डिवाइस एडवांस होते जा रहे हैं, जिसके लिए भौतिक विज्ञान की समझ जरूरी है। एआई टूल्स और स्मार्ट प्रक्रियाएँ डिजाइन व निर्माण को बेहतर बनाती हैं। युवाओं को नवाचार के साथ ऐसी तकनीक विकसित करनी चाहिए, जो व्यावहारिक, प्रभावी और भविष्य को दिशा देने वाली हो।
इस सत्र का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन डिपार्टमेंट और ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में प्रो वीसी डॉ संतोष एस सर्राफ, इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन डिपार्मेंट के हेड डॉ इरफानुल हसन, डॉ वारिज़ पवार, डॉ पीयूष पांडे अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
