हाई कोर्ट के फैसले के बाद नगर निगम सख्त, मेयर सौरभ थपलियाल का बड़ा फैसला
देहरादून। शहर में किन्नर समुदाय द्वारा बधाई के नाम पर की जाने वाली मनमानी वसूली पर अब लगाम लगने जा रही है। नगर निगम देहरादून की चतुर्थ बोर्ड बैठक में मेयर सौरभ थपलियाल की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बधाई (नेग) की अधिकतम राशि 5100 रुपये निर्धारित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
यह निर्णय हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के अहम फैसले के बाद लिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया कि किन्नर समुदाय को पारंपरिक बधाई या नेग मांगने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी से जबरन धन वसूलना भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
कोर्ट ने गोंडा जिले की एक ट्रांसजेंडर याचिकाकर्ता की याचिका खारिज करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी क्षेत्र में नेग वसूली का विशेष अधिकार नहीं दिया जा सकता। ऐसा करना अवैध वसूली को बढ़ावा देने जैसा होगा।
इसी के मद्देनजर देहरादून नगर निगम ने भी सख्त रुख अपनाते हुए बधाई की राशि की सीमा तय करने के साथ ही मनमानी करने पर दंडात्मक प्रावधान लागू करने की बात कही है।
बैठक में शहर के विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। पर्यावरण मित्रों का मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये प्रतिदिन किया गया। साथ ही प्रत्येक वार्ड में पर्यावरण मित्रों का समान वितरण सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में विधायक बृजभूषण गैरोला, पार्षदगण, नगर आयुक्त नमामि बंसल सहित विभिन्न विभागों—जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, पुलिस और स्मार्ट सिटी के अधिकारी उपस्थित रहे।
नगर निगम के इस फैसले को शहर में व्यवस्था सुधार और आम नागरिकों को राहत देने की दिशा में एक साहसिक कदम माना जा रहा है।





