देहरादून। उत्तराखंड में 2 मई को सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के तहत आपातकालीन अलर्ट का परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान प्रदेशभर के मोबाइल फोन पर अलर्ट संदेश प्रसारित होंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक परीक्षण (टेस्टिंग) है, इसलिए नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली की क्षमता और प्रभावशीलता का आकलन करना है।
अधिकारियों के अनुसार, इस परीक्षण के जरिए यह जांचा जाएगा कि विभिन्न मोबाइल नेटवर्कों के माध्यम से अलर्ट संदेश कितनी तेजी और सटीकता से लोगों तक पहुंचते हैं।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि भविष्य में जब वास्तविक आपदा संबंधी अलर्ट जारी हों, तो उन्हें गंभीरता से लें और आवश्यक सावधानियां अपनाएं।
इस प्रणाली के लागू होने से प्रशासन और नागरिकों के बीच आपातकालीन स्थितियों में बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।





