ऑनलाइन शिकायत ट्रैकिंग सिस्टम बनेगा, जनता को नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
देहरादून, जिलाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद डॉ. आशीष चौहान एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को क्लेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में उन्होंने आमजन की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनता को राहत देने के लिए जिला स्तर पर ऑनलाइन शिकायत ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे और उन्हें एक ही समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जनता मिलन कार्यक्रम में कुल 115 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश भूमि विवाद से संबंधित थीं। इसके अलावा ऋण माफी, आर्थिक सहायता, बाढ़ सुरक्षा दीवार, क्षतिग्रस्त पुलिया और रास्तों से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
रानीपोखरी ग्रांट क्षेत्र के आठ परिवारों ने मानसून के दौरान बाढ़ के खतरे को देखते हुए सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम डोईवाला को सिंचाई विभाग के साथ संयुक्त सर्वेक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तुनवाला निवासी मंजू बिष्ट ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोगों ने उनकी निजी भूमि पर कब्जे की नीयत से तारबाड़ तोड़कर बुलडोजर चलाते हुए भूमि सीमांकन को क्षतिग्रस्त कर दिया। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर को निष्पक्ष जांच, पुनः सीमांकन तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
विकासनगर तहसील में वर्ष 2008 से लंबित भूमि विवाद के मामले में भी जिलाधिकारी ने शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। वहीं चकराता ब्लॉक के ग्राम झिटाड़ में क्षतिग्रस्त पुलिया एवं कठंग नहर की मरम्मत संबंधी शिकायत पर जिला विकास अधिकारी को जांच कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
सहसपुर निवासी मोहन कश्यप ने आर्थिक संकट का हवाला देते हुए ऋण माफी तथा मकान की नीलामी रुकवाने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में आवास फाइनेंसियर्स लिमिटेड से 40 लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसकी किस्तें वर्ष 2025 तक नियमित जमा की गईं, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों और कारोबार में नुकसान के कारण वे आर्थिक संकट में आ गए। मामले में जिलाधिकारी ने लीड बैंक अधिकारी को जांच के निर्देश दिए।
डालनवाला निवासी सपना ने नर्सिंग शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता मांगी, जबकि टीएचडीसी कॉलोनी निवासी अर्ष ने बीएससी नर्सिंग प्रवेश हेतु ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी करने की मांग रखी।
जर्जर मकान में रह रहे बुजुर्ग प्रेम सिंह की समस्या पर जिलाधिकारी ने नगर निगम को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं रामपुर कलां में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम सदर को जांच कर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए।
जनता मिलन कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।






