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ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेत पहचानें, समय पर इलाज है जरूरी

By: Naveen Joshi

On: Monday, June 8, 2026 9:15 PM

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विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर मैक्स हॉस्पिटल ने जागरूकता बढ़ाने और शीघ्र उपचार की आवश्यकता पर दिया जोर

 

देहरादून, । विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने ब्रेन ट्यूमर के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और समय पर जांच एवं उपचार के महत्व पर जोर दिया। अस्पताल के विशेषज्ञों ने कहा कि शुरुआती पहचान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की मदद से ब्रेन ट्यूमर के मरीजों के उपचार परिणामों और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेन ट्यूमर किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रकार, बढ़ने की गति और गंभीरता अलग-अलग हो सकती है। कुछ ट्यूमर लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के रहते हैं, जबकि कुछ तेजी से विकसित होकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं। जागरूकता की कमी और शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना अक्सर बीमारी की पहचान में देरी का कारण बनता है।

अस्पताल द्वारा जारी जानकारी के अनुसार लगातार सिरदर्द, दौरे पड़ना, उल्टी होना, हाथ-पैरों में कमजोरी, बोलने में कठिनाई, संतुलन बिगड़ना, धुंधला दिखाई देना, याददाश्त कमजोर होना तथा व्यवहार में अचानक परिवर्तन जैसे लक्षण ब्रेन ट्यूमर के संकेत हो सकते हैं। चूंकि इन लक्षणों को कई बार सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं समझ लिया जाता है, इसलिए मरीज समय पर चिकित्सकीय परामर्श नहीं ले पाते।

इस अवसर पर डॉ. यशबीर देवान, डायरेक्टर-न्यूरोसर्जरी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर के सफल उपचार में समय पर पहचान सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि न्यूरोइमेजिंग, माइक्रोसर्जरी, मिनिमली इनवेसिव तकनीकों और क्रिटिकल केयर में हुई प्रगति के कारण आज उपचार के परिणाम पहले की तुलना में काफी बेहतर हुए हैं। समय पर इलाज मिलने पर अधिकांश मरीज सामान्य जीवन की ओर लौट सकते हैं।

डॉ. देवान ने कहा कि हर ब्रेन ट्यूमर कैंसर नहीं होता और न ही प्रत्येक मरीज को बड़ी सर्जरी की आवश्यकता होती है। उपचार की योजना ट्यूमर के प्रकार, आकार, उसकी स्थिति तथा मरीज की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। आधुनिक चिकित्सा का उद्देश्य केवल ट्यूमर का उपचार करना ही नहीं, बल्कि मरीज को सक्रिय और स्वतंत्र जीवन जीने योग्य बनाना भी है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को नजरअंदाज करने से स्थायी कमजोरी, दृष्टि संबंधी समस्याएं, दौरे पड़ना, बोलने में दिक्कत तथा जीवन की गुणवत्ता में गिरावट जैसी गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार बने रहने वाले लक्षणों की स्थिति में तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना आवश्यक है।

विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने लोगों से अपील की है कि वे चेतावनी संकेतों को पहचानें, स्वयं दवा लेने से बचें और किसी भी संदिग्ध न्यूरोलॉजिकल लक्षण की स्थिति में विशेषज्ञ चिकित्सक से समय पर सलाह लेकर उचित जांच कराएं।

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Naveen Joshi

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