देहरादून। विश्व योग दिवस के अवसर पर बलभद्र खलंगा विकास समिति द्वारा विश्व प्रसिद्ध एंग्लो-गोर्खा युद्धस्थल सागरताल की ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी भूमि पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ख्यातिप्राप्त योगाचार्या शालिनी गुरुंग (टीम पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार) के नेतृत्व में 140 योग साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना के साथ श्रद्धापूर्वक हुआ। इसके पश्चात 81 वर्षीय वरिष्ठ साधिका जयंती देवी गुरुंग ने प्रथम योगाभ्यास कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। उनकी ऊर्जा और उत्साह ने उपस्थित साधकों को विशेष प्रेरणा प्रदान की।
इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार द्वारा नवनिर्वाचित गोर्खा परिषद की अध्यक्षा ज्योति कुटिया (दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री) एवं उपाध्यक्ष अबू शाही (दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री) बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने दोनों अतिथियों का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत एवं सम्मान किया।
समिति के संरक्षक इंद्रेश उपाध्याय (पूर्व डीएफओ) तथा अध्यक्ष कर्नल विक्रम सिंह थापा ने संस्था के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष राम सिंह थापा, पूर्व उपाध्यक्ष , जितेंद्र खत्री तथा कर्नल ईश्वर सिंह थापा का सम्मान किया। वहीं समिति की उपाध्यक्ष बिनु गुरुंग ने वरिष्ठ सदस्य सुशील पवार एवं योग साधिका जयंती देवी गुरुंग को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत दून यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सरगम मेहरा के नेतृत्व में खलंगा बैटल वॉक का भी आयोजन किया गया। एनजीओ एवं प्रतिभागियों का समिति द्वारा वार मेमोरियल पहुंचकर स्वागत किया गया तथा उन्हें खलंगा युद्ध के गौरवशाली इतिहास की संक्षिप्त जानकारी दी गई।
सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन एवं व्यवस्थाएं बलभद्र खलंगा विकास समिति के अध्यक्ष कर्नल विक्रम सिंह थापा के मार्गदर्शन में समिति के समर्पित सदस्यों द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गईं। योग, संस्कृति और इतिहास के अद्भुत संगम बने इस आयोजन का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। कार्यक्रम के उपरांत सभी प्रतिभागियों के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था भी की गई।









