अल्मोड़ा/देहरादून,जनपद के ज्यूला (रजवार तोक) स्थित पावन गुरु गोरखनाथ मंदिर इन दिनों भक्तिमय वातावरण से आलोकित है। यहां आयोजित पारंपरिक बैशी (जागर) महोत्सव में श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ रही है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं और गुरु गोरखनाथ के श्रीचरणों में शीश नवाकर प्रदेश एवं समस्त जनमानस के सुख, समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की।

मंदिर पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों एवं मंदिर समिति ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोक रीति-रिवाजों के साथ मंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने विधि-विधान से देवपूजन कर दिव्य अनुष्ठान में सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर रेखा आर्या ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान उसकी सनातन आस्था, समृद्ध लोक संस्कृति और देव परंपराओं से है। बैशी और जागर जैसी प्राचीन विधाएं केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिनके माध्यम से देवताओं का आह्वान कर लोककल्याण की मंगलकामना की जाती है। उन्होंने कहा कि इस दिव्य और आध्यात्मिक वातावरण में उपस्थित होकर उन्हें अद्भुत आत्मिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव हुआ।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमारी धार्मिक परंपराएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन प्रत्येक समाजजन का परम दायित्व है। उन्होंने बैशी (जागर) के सफल आयोजन के लिए मंदिर समिति, ग्रामवासियों और क्षेत्र की देवतुल्य जनता को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
इस पावन अवसर पर मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, मंडल महामंत्री देवेंद्र मेहरा, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, सोमेश्वर मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र नयाल, अशोक जलाल, ग्राम प्रधान सूरज, प्रदीप, ग्राम प्रधान ज्यूला प्रकाश टम्टा, सुंदर नयाल, आनंद नेगी, पप्पू मेहरा, पूरन फर्त्याल, राजेंद्र सिंह, विजय फर्त्याल, नवीन आर्य, महेंद्र सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मंदिर समिति के अध्यक्ष बलवंत सिंह रजवार, उपाध्यक्ष हरीश रजवार, कोषाध्यक्ष पान सिंह रजवार, रतन सिंह रजवार, सुंदर सिंह, राजेंद्र सिंह पिलख्वाल, हरि सिंह रजवार, सुरेंद्र सिंह रजवार, संजय सिंह, उमा रजवार तथा पाना रजवार सहित सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।









